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फार्मेसी संस्थान में शिक्षक समारोह

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अमरलाल न्यूज़डेस्क पटना राजकीय फार्मेसी संस्थान अगम कुआं पटना में आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस के उपलक्ष पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ वर्तमान प्राचार्य राम कुमार एवं शैलेंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में गुरु का महत्व उल्लेखनीय हैं कहा जाता है कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है और इंसान जिनसे भी प्रेरणा लेते हैं वह उनके गुरु कहलाते हैं उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि जीवन में हमेशा संघर्ष करने का प्रयत्न करना चाहिए और जहां मुसीबत दिखे गुरु की प्रेरणा जरूर लेनी चाहिए कार्यक्रम में डिप्लोमा फार्मेसी ऑर्गेनाइजेशन के फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने गुरु की व्याख्या करते हुए गुरु की तुलना परमेश्वर से की वही फार्मा एक्टिविस्ट रजत राज , सुबोध, संत ने समाज में गुरु के महत्व को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि इंसान मिट्टी है जिसे गुरु अपने ज्ञान से मूर्ति बना सकता है छात्रों ने बताया कि फार्मेसी में छात्रों को रोजगार के भरपूर अवसर है राज्य में 12000 से अधिक अस्पताल हैं लेकिन कार्यरत फार्मासिस्ट...

निगरानी विभाग ने औषधि निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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दवा दुकान अनुज्ञप्ति लाइसेंस का नवीकरण करने के लिए मांग किया था रिश्वत पटना बिहार सरकार के निगरानी विभाग में औषधि निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह और आदेश पालक राजेन्द्र यादव को 60 हजार रूपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया हैं । रिश्वत की रकम दवा दुकान के लाइसेंस का नवीकरण करने के लिए मांग किया गया था     दरभंगा जिले के नगर थाना अंतर्गत शिवाजी नगर निवासी डा राम बाबू खेतान ने निगरानी विभाग में लिखित शिकायत किया की औषधि निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह एवं आदेशपालक राजेन्द्र यादव 80 हजार रूपये रिश्वत की मांग किया । आरोप की सत्यता की जांच के बाद निगरानी टीम गठित किया गया ।     डीएसपी गोपाल पासवान के नेतृत्व में दरभंगा सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में छापेमारी की गयी ।तो पीडि़त व्यक्ति से औषधि निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह एवं आदेशपालक राजेन्द्र यादव को 60 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया ।  

राजकीय फार्मेसी संस्थान में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह का आयोजन शुरू होगी एम फार्मा की पढ़ाई

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राजकीय फार्मेसी संस्थान में इंडियन फार्मास्यूटिकल एसोसिएशन के तरफ से राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह 2018 का आयोजन किया गया आयोजन का शुभारंभ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने दीप प्रज्वलित करके किया उन्होंने बताया कि राज्य में फॉर्म की पढ़ाई नहीं होती है वहां के छात्र दूसरे राज्यों में एम फार्मा की पढ़ाई करने जाते हैं इस कारण से सूबे पैसा दूसरे राज्य में चला जाता है इसे रोकने के लिए राज्य सरकार ने शुरू करने का निर्णय लिया है उन्होंने बताया कि जल्द ही राजकीय फार्मेसी संस्थान में बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने कोई नई बातें नहीं बताएं स्वास्थ्य मंत्री के प्रथम आगमन पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने इन्हीं बातों को रखा था उस समय उन्होंने कहा था कि मैं पहली बार आज की फार्मेसी संस्थान में आया हूं किसलिए मुझे समस्याओं की जानकारी नहीं है उन्होंने बताया कि हम जानते हैं फार्मासिस्ट दवा निर्माता और विक्रेता है तथा फार्मासिस्ट दवा के विशेषज्ञ भी हैं फार्मासिस्ट का भविष्य सुनहरा होगा आयोजन के मौके पर इंटर कॉलेज डिबेट कंपटीशन के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया जिसमें प्र...

पीसीआई ने फार्मासिस्ट पंजीकरण और ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया

पीसीआई ने  फार्मासिस्ट पंजीकरण और ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया फार्मासिस्ट के माइक्रो लेवल डेटा संग्रह को व्यवस्थित करने के लिए, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने फार्मासिस्ट पंजीकरण और ट्रैकिंग सिस्टम (पीआरटीएस) नामक फार्मासिस्टों के पंजीकरण और ट्रैकिंग के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल मंच लॉन्च किया है। पीआरटीएस विभिन्न राज्यों में लिंगविदों, आयु वर्ग के अनुसार और फार्मासिस्टों की शिक्षा स्तरवार संख्या पर पीसीआई एकत्र करने में मदद करेगा। यह फार्मासिस्टों की रोज़गार की स्थिति पर राज्यवार जानकारी भी प्रदान करेगा जहां वे सामुदायिक फार्मासिस्ट, अस्पताल फार्मासिस्ट या फार्मास्युटिकल उद्योग, फार्मेसी कॉलेजों आदि के साथ काम कर रहे हैं, पीसीआई अर्चना मुगल के रजिस्ट्रार-सह-सचिव ने कहा। पीआरटीएस के तहत, प्रत्येक पंजीकृत फार्मासिस्ट को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी योग्यता, पंजीकरण, पेशे इत्यादि के बारे में विवरण अपलोड करना होगा। एक परिपत्र में पीसीआई ने निम्नलिखित चरणों के अनुसार पीआरटीएस के तहत अपने फार्मासिस्ट पंजीकरण विवरण भरने के लिए देश के सभी पंजीकृत फार्मासिस्टों से आग्रह किया: ...

सरकारी आदेश के बाद भी नहीं मिला छात्रावास मजबूरन पारा मेडिकल छात्रों ने किया नर्सिंग क्वार्टर पर कब्जा

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पटना बिहार छात्रावास आवंटन को लेकर पारा मेडिकल छात्रों ने किया प्रदर्शन नालंदा मेडिकल कॉलेज के पारा मेडिकल छात्रों को छात्रावास को लेकर बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ज्ञात हो कि धरना प्रदर्शन पर बैठने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने छात्रों के साथ समीक्षात्मक बैठक की थी और सभी मेडिकल कॉलेज के प्रचाय्/ अधीक्षक को अपने स्तर से छात्रों को छात्रावास आमंत्रित करने का आदेश दिया था ।  लेकिन निर्णय के 1 महीने बाद भी छात्रों को ना तो कोई छात्रावास आमंत्रित किया गया है और ना ही इस संदर्भ में कोई सूचना दी गई है जिस कारण से छात्रों को नर्सिंग क्वार्टर में रहना पड़ रहा है छात्रों का कहना है कि जहां एक तरफ स्वास्थ्य विभाग के कमरे खाली हैं वहीं दूसरी तरफ छात्रों को तीन से ₹5000 मासिक किराए के रूप में देना पड़ रहा है जबकि वहीं छात्रों को स्थाई फंड के रूप में ₹1 भी नहीं मिलता है छात्रों ने कठिन परिश्रम करके दो दिनों में बेहद गंदे वातावरण वाले रूम को साफ किया तथा कमरों पर कमरा नंबर भी अंकित किया छात्रों की ना तो परीक्षा समय पर होती है और ना ही पढ़ाई की उच...

डिप्लोमा को अपग्रेड करने की तैयारी में है पीसीआई कर रही है ब्रिज कोर्स सिलेबस का विस्तार

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पीसीआई को ब्रिज कोर्स, बी फार्म - फार्मेसी प्रैक्टिस के पाठ्यक्रम और संरचना को बदलने की कर रहा है तैयारी मंगलवार, 30 अक्टूबर, 2018, 08:00 बजे [आईएसटी] फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) नियमित बी फार्म कोर्स के बराबर बनाने के लिए ब्रिज कोर्स, बी फार्मा - फार्मेसी प्रैक्टिस की पूरी संरचना को फिर से डिजाइन करने पर विचार कर रही है। इसके हिस्से के रूप में, पाठ्यक्रम की अवधि वर्तमान दो वर्षों से तीन साल में बदल दी जाएगी। इसके साथ-साथ पाठ्यक्रम कुछ विषयगत परिवर्तनों से गुज़रने के लिए भी किया जाएगा। इसके साथ, यह उम्मीद की जाती है कि, पाठ्यक्रम सभी नियामक एजेंसियों और विश्वविद्यालयों द्वारा स्वीकृति की मंजूरी प्राप्त करेगा। वर्तमान में, बी फार्मा अभ्यास में प्रवेश फार्मेसी में डिप्लोमा धारकों को दिया जाता है और कक्षाएं अंशकालिक पाठ्यक्रम के रूप में सप्ताहांत पर आयोजित की जाती हैं। पूरे भारत में, लगभग 30 संस्थान कोर्स चला रहे हैं, लेकिन हर जगह सेवन बहुत कम है। जो लोग दो साल के पाठ्यक्रम को पूरा कर चुके हैं उन्हें डिग्री प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए जल्द ही तीसरे वर्ष की परीक्...

बॉडी बनाने के लिए घोड़े की दवा युवक पहुंचा हॉस्पिटल

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बॉडी बनाने के चक्कर में यंग जेनरेशन इतनी खो चुकी है कि उन्हें किसी की भी राय पर बहुत जल्द भरोसा हो जाता है, चाहे फिर बाद में उसके कितने भी बुरे परिणाम निकलकर सामने क्यों न आएं। राजधानी के  नजफगढ़  से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक 21 साल का लड़का ऐसी दवा लेने लगा, जिसका इस्तेमाल घोड़ों पर किया जाता है। यह मामला सन्नी (बदला हुआ नाम) से जुड़ा है, जो एक पुलिसकर्मी का लड़ा है। सन्नी को बॉडी बिल्डिंग  का शौक चढ़ा तो उसके कोच ने उसे  AMP5  कंपाउंड लेने की सलाह दी, जो दिनभर काम करनेवाले घोड़ो को दिया जाता है। यह कुछ खास केसों में मनुष्य को भी दिया जाता है, लेकिन ओरल फॉर्म में इंजेक्शन से नहीं। रिजल्ट मिलने से खुश था सन्नी AMP5 के इस्तेमाल से सन्नी शुरुआत में काफी खुश था। डॉक्टरों को उसने बताया कि दवा लेने की सलाह उसके कोच ने दी थी और कहा था कि अगर वह रोज उस इंजेक्शन को लेगा तो ज्यादा कसरत कर पाएगा। इसके असर पर बात करते हुए सन्नी ने कहा, 'उसने जादू की तरह काम किया था। मैं रोज 1मिलीलीटर AMP5 ले रहा था और फिर बिना थके घंटों कसरत करता रहता था। मुझे बदलाव ...

जानिए क्या होता है डेंगू बुखार

DENGUE FEVER    डेंगू बुख़ार एक संक्रमण है जो डेंगू वायरस के कारण होता है। डेंगू का इलाज समय पर करना बहुत जरुरी होता हैं. मच्छर डेंगू वायरस को संचरित करते (या फैलाते) हैं। डेंगू बुख़ार को "हड्डीतोड़ बुख़ार" के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इससे पीड़ित लोगों को इतना अधिक दर्द हो सकता है कि जैसे उनकी हड्डियां टूट गयी हों। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार; सिरदर्द; त्वचा पर चेचक जैसे लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। कुछ लोगों में, डेंगू बुख़ार एक या दो ऐसे रूपों में हो सकता है जो जीवन के लिये खतरा हो सकते हैं। पहला, डेंगू रक्तस्रावी बुख़ार है, जिसके कारण रक्त वाहिकाओं (रक्त ले जाने वाली नलिकाएं), में रक्तस्राव या रिसाव होता है तथा रक्त प्लेटलेट्स  (जिनके कारण रक्त जमता है) का स्तर कम होता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप होता है। डेंगू वायरस चार भिन्न-भिन्न प्रकारों के होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को इनमें से किसी एक प्रकार के वायरस का संक्रमण हो जाये तो आमतौर पर उसके पूरे जीवन में वह उस प्रकार के डेंगू वायर...

अर्थराइटिस के दर्द से परेशान हैं तो जरूर अपनाए यह घरेलू नुस्खे

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अर्थराइटिस का दर्द इतना तेज होता है कि व्यक्ति को न केवल चलने–फिरने बल्कि घुटनों को मोड़ने में भी बहुत परेशानी होती है। घुटनों में दर्द होने के साथ–साथ दर्द के स्थान पर सूजन भी आ जाती है। इस दर्द से राहत दिलाने में आपका सबसे बड़ा हमदर्द होता है आहार और घरेलू नुस्खे। आइए जाने कैसे अर्थराइटिस में घरेलू नुस्खे सबसे सुरक्षित उपचार हैं।   कभी–कभी दर्द के कारण बुखार भी हो जाता है और यहां तक कि जोड़ों का आकार भी टेढ़ा हो जाता है। कुछ लोग तो अस्पतालों के चक्कर काटकाट कर इतने थक जाते हैं कि वो इस बीमारी के साथ जीने को स्वीकार कर लेते हैं। ठंड के मौसम में गठिया के मरीज़ों को अधिक परेशानी होती है इसलिए उन्हें ठंड से बचने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। इस बीमारी में चिकित्सक आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं क्योंकि आप जो भी खाते हैं वो सीधा आपके स्वास्‍थ्‍य को प्रभावित करता है। अर्थराइटिस से बचाव के लिए आपके आहार में ग्लूयकोसामीन और कांड्रायटिन सल्फेवट होना चाहिए। ग्लूसकोसामीन और कांड्रायटिन सल्फेआट हड्डियों और कार्टिलेज के लिए अच्छें होते हैं। अर्थराइटिस में हमदर्द आहार •...

PMCH के पारा मेडिकल स्टूडेंट्स अपनी मांगों को लेकर छेड़ने वाले हैं बड़ी ...

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स्वास्थ्य विभाग के सौतेला व्यवहार से परेशान पारा मेडिकल छात्रों ने नालंदा मेडिकल कॉलेज में लगाया ताला

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बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सौतेले रवैया से पारा मेडिकल छात्रों में काफी आक्रोश है  छात्रों ने हमेशा  अपनी मांगों को लेकर  विभाग के अधिकारी  और मंत्री से मिलते रहे हैं लेकिन  किसी विभागीय अधिकारियों  से छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है  यही कारण है कि छात्रों को विवश होकर  सभी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य मंत्री  मंगल पांडे के नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया है  और  परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं  आइए सुनते हैं छात्रों की क्या मांग है  वीडियो देखने के लिए लाल बटन पर क्लिक करें 

11 सितंबर से बिहार के सभी पारा मेडिकल छात्र भूख हड़ताल पर, मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य मंत्री की नो एंट्री का लगाया पोस्टर

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पारा मेडिकल के छात्रों ने बिहार पारा मेडिकल छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न 5 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की घोषणा की है इस दौरान सभी मेडिकल एवं फार्मेसी कॉलेजों में ताला बंद रहेगा तथा कॉलेज में स्वास्थ्य मंत्री के नो एंट्री का बोर्ड भी लगा रहेगा छात्रों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है 2 वर्षीय कोर्स 4 वर्ष में भी संपूर्ण नहीं हो पाता है वही इंटर्नशिप पर छात्रों से 8 घंटे कार्य के बदले ₹1 भी भुगतान नहीं दिया जाता है छात्रों को बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जाता है लेकिन छात्रों को ना तो छात्रवृत्ति मिलती है और ना ही छात्रावास इतना ही नहीं उत्तीर्ण होने के बाद भी छात्रों को नौकरी नहीं मिल पाती है और निजी कॉलेजों के छात्रों को बिना मान्यता के उस सीट पर बहाल कर दिया जाता है ज्ञात हो कि एक सभी छात्र बिहार राज्य संयुक्त परीक्षा परिषद की परीक्षा डिप्लोमा सर्टिफिकेट एंट्रेंस एग्जाम उत्तीर्ण होने के बाद विभिन्न पारा मेडिकल कोर्स में नामांकन लेते हैं जबकि निजी कॉलेजों के लिए कोई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करना ...

भारत में फार्मेसी के पितामह की जीवनी जरूर पढ़ें स्वर्गीय श्राफ की जीवन के संघर्ष की कहानी

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आज फार्मेसी और फार्मासिस्टों की भारत में एक अलग पहचान है फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में आज विश्व में भारत का विशेष योगदान है दुनिया के अधिकतर देशों में भारत से दवाइयां भेजी जाती हैं आज देश में लगभग 12लाख फार्मासिस्ट हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में फार्मेसी शिक्षा की शुरुआत किसने और कब की थी आइए प्रस्तुत है फार्मेसी शिक्षा के जनक महादेव लाल श्राफ की जीवनी भारत में फार्मेसी के पितामह कहे जाने वाले महादेव  लाल सराफ का जन्म बिहार के दरभंगा में 6 मार्च, 1 9 02 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था इंटरमीडिएट तक की शिक्षा उन्होंने भागलपुर सेे प्राप्त की थी जिसकेेेे बाद उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बनारस आना पड़ा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज में इंजीनियरिंग किया। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित गांधी समर्थक होने के कारण उन्हें कॉलेज के प्रिंसिपल द्वारा निलंबित कर दिया गया । तो, वह चीन और जापान चले गए जहां उन्होंने एक समाचार पत्र के साथ काम किया और फिर उच्च अध्ययन के लिए अमेरिका गए। 1 9 43 - बिड़ला ब्रदर्स लिमिटेड के चीफ केमिस्ट एंड रिसर्च...

जानिए शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है लीवर

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आपने छोटी-बड़ी समस्याओं में अक्सर डॉक्टर को कहते सुना होगा कि मरीज का लिवर खराब है। क्या आप जानते हैं आपका लिवर कितना महत्वपूर्ण है और कितनी जरूरी है इसकी देखभाल। लिवर शरीर का सबसे भारी अंग होता है। लिवर पेट के अंदर पाया जाता है। हमारे जिंदा रहने और स्वस्थ रहने के लिए जो फंक्शन बॉडी में होते हैं, उनमें से ढेर सारे फंक्शन लिवर के द्वारा संपन्न होते हैं। लिवर में समस्या होने पर कई तरह के रोग जैसे- फैटी लिवर, लिवर इंफेक्शन, हेपेटाइटिस, पीलिया आदि हो जाते हैं। आइए आपको बताते हैं कि लिवर आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है। लिवर क्यों है पोषण के लिए जरूरी हम जब कोई चीज खाते हैं, तो डाइजेस्टिव सिस्टम इसे तुरंत छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ना शुरू कर देता है। इसके बाद ये आहार खून के सहारे हेपाटिक पोर्टल सिस्टम के जरिए लिवर तक पहुंचता है। लिवर भोजन में मौजूद सभी पोषक तत्व जैसे- विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि को अलग करता है और शरीर की जरूरत के अनुसार इसे अलग-अलग अंगों को पहुंचाता है। ये कुछ पोषक तत्वों को स्टोर कर लेता है, ताकि इसे एनर्जी की तुरंत जरूरत होने पर इस्तेमाल कर सक...

इंटर्नशिप कर रहे फार्मेसी छात्रों ने पीएमसीएच में भी मनाया शिक्षक दिवस सीनियर फार्मासिस्टों को किया सम्मानित

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पीएमसीएच पटना बिहार  कहते हैं ना कि गुरु बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है लेकिन केवल शिक्षा देने वाले शिक्षक गुरु नहीं होते हैं बल्कि वह हर एक व्यक्ति गुरु समान है जो जीवन मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करते हैं ताकि आप संसार की  बुराइयों से बच सकें वह प्रत्येक व्यक्ति हमारा गुरु है जो हमें इन मुसीबतों से लड़ने हेतु हमारे हृदय में प्रेरणा भरने का काम करते हैं विचलित पथ से हमें जीवन के सुपथ पर लाने का काम करते हैं  पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षण प्राप्त् कर रहे फार्मेसीी छात्र केे इस कथन की सार्थकता को साबित करते हुए पीएमसीएच सेंट्रल इमरजेंसी में शिक्षक दिवस काा आयोजन किया छात्रों सीनियर फार्मासिस्ट धनंजय कुमार ने बतायाा कि जीवन में अनुशासन एवंं संस्कार बेहद जरूरीी है और छात्र जीवन में  इसका विशेष महत्व है कार्यक्रम में फार्मासिस्ट कामेश्वर कुमार सिंह ,नित्या नंद किशोर ,सत्येंद्र्र प्रसाद, रघुवीर भगत ,सतीश कुमार ,प्रमोद कुमार, मोहित कुमार, जवाहर ,अजीत कुमार एवंं अन्य सीनियर फार्मासिस्टों को छात्रों द्वारा सम्मानित किया गया फार्मेसी छात्र रजत...

फार्मेसी कॉलेज में शिक्षक दिवस का आयोजन

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 शिक्षा न्यूज़ डेस्क पटना राजकीय फार्मेसी संस्थान में शिक्षक दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया आयोजन का शुरुआत प्राचार्य डॉक्टर शैलेंद्र कुमार ने केक काटकर किया उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में  गुरु का महत्व उल्लेखनीय हैं कहा जाता है कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है और इंसान जिनसे भी प्रेरणा लेते हैं वह उनके गुरु कहलाते हैं उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि जीवन में हमेशा संघर्ष करने का प्रयत्न करना चाहिए और जहां मुसीबत दिखे गुरु की प्रेरणा जरूर लेनी चाहिए आयोजन में फार्मेसी संस्थान के प्रोफेसर कुमार अजय ,रामकुमार, नीतीश कुमार, अभिषेक गुप्ता, राजीव सत्यार्थी इत्यादि शिक्षकों ने भी भाग लिया कार्यक्रम में फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने गुरु की व्याख्या करते हुए गुरु की तुलना परमेश्वर से की वही फार्मा एक्टिविस्ट रजत राज एवं छत्तीस कुमार ने समाज में गुरु के महत्व को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि  इंसान मिट्टी है जिसे गुरु अपने ज्ञान से मूर्ति बना सकता है रजत राज ने बताया कि फार्मेसी में  छात्रों को रोजगार के भरपूर अवसर ...

आरबीएसके बिहार के फार्मासिस्टों के साथ भेदभाव ,चौधरी कमिटी में भी नहीं मिली जगह

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रजत राज स्पेशल स्टोरी कवर न्यूज़ डेस्क बिहार आरबीएसके में कार्यरत फार्मासिस्टों के वेतन वृद्धि के मंसूबों को बिहार सरकार ने तोड़ दिया है सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के स्थायीकरण के लिए चौधरी कमेटी का गठन किया गया था गठन के बाद कमेटी ने अपना प्रस्ताव सरकार को सौंप दिया है जिसमें कमेटी ने यह उल्लेखित किया है कि कोई भी संविदा कर्मी स्थाई नहीं होगा लेकिन उसे स्थाई कर्मचारियों की तरह अन्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा कमेटी द्वारा सौंपी रिपोर्ट में राज्य के 500000 संविदा कर्मियों को शामिल किया गया है जोकि बिहार में अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन वहीं सरकार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के संविदा कर्मियों को लाभ से वंचित किया है सरकार को भेजी गई प्रस्ताव में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मैं कार्यरत फार्मासिस्ट के वेतन वृद्धि का कोई जिक्र नहीं है                              बिहार आरबीएसके में कार्यरत फर्मासिस्ट प्रदीप कुमार बताते हैं सरकार का रवैया फार्मासिस्टों के प्रति निंदनीय है राज्य सरकार कहती है कि राष्ट्रीय बाल ...