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फार्मेसी संस्थान में शिक्षक समारोह

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अमरलाल न्यूज़डेस्क पटना राजकीय फार्मेसी संस्थान अगम कुआं पटना में आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस के उपलक्ष पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ वर्तमान प्राचार्य राम कुमार एवं शैलेंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में गुरु का महत्व उल्लेखनीय हैं कहा जाता है कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है और इंसान जिनसे भी प्रेरणा लेते हैं वह उनके गुरु कहलाते हैं उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि जीवन में हमेशा संघर्ष करने का प्रयत्न करना चाहिए और जहां मुसीबत दिखे गुरु की प्रेरणा जरूर लेनी चाहिए कार्यक्रम में डिप्लोमा फार्मेसी ऑर्गेनाइजेशन के फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने गुरु की व्याख्या करते हुए गुरु की तुलना परमेश्वर से की वही फार्मा एक्टिविस्ट रजत राज , सुबोध, संत ने समाज में गुरु के महत्व को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि इंसान मिट्टी है जिसे गुरु अपने ज्ञान से मूर्ति बना सकता है छात्रों ने बताया कि फार्मेसी में छात्रों को रोजगार के भरपूर अवसर है राज्य में 12000 से अधिक अस्पताल हैं लेकिन कार्यरत फार्मासिस्ट...

पटना में 15 लाख की ओक्सीटॉक्सिन बरामद 30 साल से चल रहा था अवैध दवाइयों का धंधा

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पटना औषधि निरीक्षक तथा पटना पुलिस प्रशासन द्वारा दिनांक 5 जनवरी 2017 को मछुआ टोली स्थित एक दवा कंपनी में छापेमारी कर 15 लाख का अक्सिटॉक्सिन इंजेक्शन बरामद किया है ज्ञात हो कि यह इंजेक्शन सरकार द्वारा बैन कर दिया गया है तथा ऑक्सीजन का उपयोग मवेशियों में दूध बढ़ाने के लिए किया जाता है मौके पर औषधि निरीक्षक एवं प्रशासन द्वारा दो लोगों को गिरफ्तार किया गया कारखाने का लाइसेंस बहुत पुराना है और उम्मीद लगाई जा रही है क्या धंधा तकरीबन 30 साल से चल रहा था धंधे की पोल खोलते ही शक की सुई उन दुकानों पर जाती है जहां से नकली दवाओं का वितरण होता है ज्ञात हो कि पिछले बार भी बहुत सारी दुकानों पर नकली दवाइयों का वितरण का मामला आया था लेकिन सरकार द्वारा उन्हें फिर से लाइसेंस दे दिया गया था अब इस बार देखते हैं कि सरकार क्या कदम उठाती है

फार्मासिस्टों को ग्रामीण क्षेत्र में उपचार हेतु अधिकृत करे सरकार फार्मासिस्ट संगठनों की है माँग

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जहां देश में एक तरफ आयुष चिकित्सक को एलोपैथिक दवाओं लिखने का अधिकार दिया जा रहा है वही दवाओं के विशेषज्ञ फार्मासिस्टों को इस अधिकार से अब तक वंचित रखा गया है जबकि एलोपैथिक चिकित्सक और एलोपैथिक फार्मासिस्ट दोनों एक ही फार्माकोलॉजी पढ़ते हैं इतना ही नहीं फार्मासिस्ट स्वास्थ्य और चिकित्सा के विभिन्न विषय जैसे कि ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी ,बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, हेल्थ एजुकेशन एंड क्लीनिकल पैथोलॉजी, आदि विषयों में गहन अध्ययन करते हैं तथा अध्ययन के पश्च्यात फार्मासिस्ट अस्पतालों में प्रशिक्षण भी पाते हैं जबकि आयुष डॉक्टर को एलोपैथिक दवाओं के बारे में अध्ययन करना नहीं होता है  अमेरिका कनाडा आदि विकसित देशों में भी फार्मासिस्टों को प्रिस्क्रिप्शन लिखने का अधिकार दिया गया है जिसकी जानकारी भारत सरकार को भी है तथा भारत सरकार के माय गवर्नमेंट पोर्टल पर अमेरिका में फार्मासिस्टों के प्रिस्क्रिप्शन लिखे जाने के अधिकार की एक कॉपी पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध भी है  भारत सरकार और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने फार्मासिस्टों को फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन के अनुसार दवा संबंधी सलाह ...

जागरूकता के अभाव में लोगों की पहुंच से दूर है सस्ती दवाईया

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अर्जेश राज पटना : देश के आम जनता को सस्ती दवा उपलब्ध कराने  के लिए चलाए गए, प्रधानमंत्री जन औषधी परियोजना धरातल पर सफतापूर्वक नहीं उतर पाई है। इसका सबसे बड़ा कारण जन औषधी के बारे में आमलोगों को जागरुक नहीं किया जाना है , लोग जन औषधी को सस्ती और कम प्रभाव वाला समझ कर नहीं खरीद रहे है। जिसके परिणाम स्वरूप दवा के माफियो का बोलबाला अभी भी कायम हैं। दवा माफिया देश के लोगो को जन औषधी के प्रति दुष्प्रचार करने में सफल रहे फलस्वरूप देश की जनता जन औषधी ना लेकर उनके द्वारा बेचे जा रहे महँगी दवा खरीद्ने को मजबुर है।। एक सर्वे  के अनुसार देश में बेची जानेवाली 80% दवाइया जेनेरिक है। साथ ही साथ भारत सबसे ज्यादा जेनेरिक दवाओं का निर्यात करने वाला देश है। अगर हम बाज़ार से जेनेरिक दवा ही खरीदते है तो जन औषधी केंद्र से क्यों नहीं खरीदते??? इसका एक जवाब है जन औषधी का आमजनों में प्रचार नहीं होना। भारत सरकार अगर निम्न कार्य करे तो जन औषधी कार्यक्रम सफल होगा।। 1. जन औषधी  के बारे में जागरूकता कार्यक्रम जेनेरिक दवाओं के जानकार(Pharmacist) के माध्यम से चलवाना। 2. Generic और branded दव...

दांतों की चमकदार एवं आकर्षक बनाने के उपाय

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लाइफस्टाइल डेस्क: चेहरे और शरीर की फिटनेस पर खास ध्यान देने के चक्कर में हम कई बार दांतों की खूबसूरती को नजरअंदाज कर देते हैं जो शरीर का एक अहम हिस्सा होता है। सुंदर दांत न सिर्फ स्माइल में चार चांद लगाते हैं, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। दूसरों के सामने खुलकर हंसने और बात करने में हिचकिचाहट नहीं होती। इन दिनों मार्केट में बहुत सारे टीथ व्हाइटनिंग टूथपेस्ट और प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं जिनका उपयोग करके कम समय में खूबसूरत और दमकती स्माइल पाई जा सकती है। लेकिन किचन में ही आसपास ऐसी कई सारी चीजें मौजूद हैं जिनके इस्तेमाल से बाहरी प्रोडक्ट्स को खरीदने से बचा जा सकता है। 1-बेकिंग सोडा-एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी और एक चुटकी नमक मिलाएं। अब इस पेस्ट से दांतों को एक-दो मिनट साफ करें। हफ्ते में दो से तीन बार ऐसा करने से दांत सफेद हो जाएंगे। 2-स्ट्रॉबेरी-ये स्वादिष्ट फल दांतों को चमकाने में कारगर है। कुछ स्ट्रॉबेरी लेकर उसका पेस्ट बनाएं। इससे दांतों को साफ करें। कुछ ही दिनों में इसका असर साफ दिखने लगेगा। Other Things : नारियल का तेल, हरी सब्जियां, फल़, एप्प्ल साइडर विनेगर,...

किराए बाज फार्मासिस्ट ,सावधान बिहार में लागू हो रही है नई व्यवस्था

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 Expert desk patna :-  जी हां बिहार सरकार के प्रमुख सचिव एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बिहार में हो रहे ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट के उल्लंघन का मामला संज्ञान में आने के बाद किराए बाजी रोकने को तत्पर नजर आ रही है हाल ही में सरकार ने घोषणा की है कि ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होने जा रही है तथा पुराने जारी किए लाइसेंस की भी जांच हो रही है ऐसे में हजारों फार्मासिस्टों का निबंधन भी रद्द किया जा सकता है जो अपने लाइसेंस तथा सटिफिकेट किराए पर लगाते हैं       •  कैसे फसेंगे किरायेवाज फार्मासिस्ट • केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट का संशोधन किया गया है जिसमें दवा दुकानों का नवीकरण समाप्त कर दिया गया है अब दवा विक्रेताओं को केवल चालान राशि यानी फीस के रूप में कुछ रुपये जमा कराने होंगे सरकार द्वारा सभी व्यवस्थाएं ऑनलाइन होने के कारण अब दवा विक्रेताओं को फार्मासिस्टों के आगे पीछे या किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे दवा विक्रेता अपना लाइसेंस नंबर डालकर ऑनलाइन चालान की राशि जमा करा सकेंगे ऐसी व्यवस्था जल्द ही शुर...

द्वितीय वर्ष भी जीरो सेशन के शिकार हुए फार्मेसी छात्र

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स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग की  राजकीय फार्मेसी संस्थान के छात्रों का भविष्य अंधकार में हो रहा है संस्थान के डिप्लोमा इन फार्मेसी सत्र 2014 16 के छात्रों का सिलेबस 1 साल पूर्व ही समाप्त हो चुका है और छात्र 1 साल से अधिक समय से परीक्षा के इंतजार में हैं लेकिन परीक्षा नियंत्रक एवं स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें बार-बार गुमराह करने का प्रयास करने में चूक नहीं रहे हैं " छात्रों की पाठ्यक्रम अवधि समाप्त हो गई है छात्रों का सिलेबस पूरा किया जा चुका है सेशनल परीक्षा भी ली जा चुकी है परीक्षा नियंत्रक तथा प्रधान सचिव महोदय को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे चुका हूं अगली बार मीटिंग में  छात्रों को फॉर्म भरने हेतु तिथि निर्धारित करने की संभावना है " - प्राचार्य , राजकीय फार्मेसी संस्थान अगम कुआं पटना  छात्रों ने 27 फरवरी 2017 को पारामेडिकल कार्यालय में हंगामा किया था तब जाकर परीक्षा कमिटी का निर्धारण किया गया था इसके बाद छात्रों ने 1 जुलाई 2017 से 7 जुलाई 2017 तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल किया था एवं राज्य फार्मेसी संस्थान में ताला जड़ दिया था इ...

मुख्यमंत्री योगी से मिले फार्मासिस्ट मांगा ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार का अधिकार

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मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के साथ आज संघ की वार्ता । उपकेंद्रों पर फार्मेसिस्ट की तैनाती, प्राथमिक उपचार का विधिक अधिकार देने, वेतन उच्चीकरण , मानक में संसोधन सहित विभिन्न मांगों पर मुख्यमंत्री जी ने सकारात्मक आश्वासन दिया । मुख्यमंत्री जी ने कहा कि फार्मेसिस्ट ग्रामीण क्षेत्रो में प्राथमिक उपचार देने में सक्षम , विधिक जमा पहनाने के लिये प्रस्ताव पर विचार होगा ।मुख्यमंत्री ने माना कि फार्मेसिस्ट संवर्ग का वेतन कार्य की अपेक्षा काफी कम है सौहार्दपूर्ण दृष्टिकोण के लिये माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार - सुनील यादव राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के प्राविधानों के अनुरूप उपकेंद्रों पर प्राथमिक उपचार सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु उपकेंद्रों पर फार्मेसिस्ट की तैनाती करने , चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मेसिस्ट को चिकित्सा का विधिक अधिकार दिए जाने, सहित विभिन्न मांगों पर आज माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप बडोला, महामंत्री के के सचान के नेतृत्व में वार्ता सम्पन्न हुई , मुख्यमं...

बुखार (fever) लक्षण जांच बचाव एवं उपचार

बुखार(fever) 37.7 डिग्री सेल्सियस से अधिक शरीर का तापमान बुखार के रूप में परिभाषित किया गया है। बुखार निरंतर हो सकता है, आंतरायिक या प्रेषित जांच लक्षणों की घटनाक्रम का एक सावधानीपूर्वक इतिहास, किसी भी जुड़े फोकल लक्षण (एस), के संपर्क में संक्रामक एजेंट और व्यावसायिक इतिहास उपयोगी हो सकता है। एक संपूर्ण शारीरिक परीक्षा नियमित आधार पर दोहराया संभावित नैदानिक ​​संकेत प्रदान कर सकते हैं  यदि कोई नैदानिक ​​सुराग नहीं हैं, तो परीक्षण में ESR के साथ एक पूर्ण हेमोग्रम शामिल है, स्मर के लिए मलेरिया परजीवी, रक्त की संस्कृति, मूत्र संबंधी संस्कृति सहित व्यापक परीक्षण और मूत्र विश्लेषण।  यदि बुखार की बीमारी 2 सप्ताह से अधिक समय तक लम्बी हो जाती है, तो एक्स-रे छाती में भी संकेत दिया जाता है श्वसन लक्षणों की अनुपस्थिति कोई असामान्य द्रव संग्रह नमूना होना चाहिए। इलाज निम्न-श्रेणी के बुखार में एंटीपैरिकिक्स का नियमित उपयोग उचित नहीं है। यह महत्वपूर्ण क्लिनिकल को मुखौटा रख सकता है संकेत। हालांकि, वायरल या बैक्टीरियल कारण, बुखार के संकेत से तीव्र फीब्रियल बीमारियों में उपचार किया जाना...

फार्मेसी संस्थान में फ्रेशर पार्टी आधुनिक गीत संगीत पर छात्रों ने मचाया धमाल

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 राजकीय फार्मेसी संस्थान के डिप्लोमा इन फार्मेसी छात्र 16-18 के छात्रों के लिए फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया आयोजन का शुभारंभ प्राचार्य डॉक्टर शैलेंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित करके किया उन्होंने बताया कि फार्मेसी में छात्रों का भविष्य उज्जवल है और आने वाले दिनों में फार्मेसी छात्रों को नए नए बदलाव देखने को मिलेंगे राज्य सरकार जल्द ही ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रही है तथा फार्मेसी संस्थान के नए भवन मे जल्द ही पढ़ाई की व्यवस्था सुचारु रुप से स्थापित किया जाए  कार्यक्रम में छात्रों ने गीत-संगीत चुटकुले शायरी तथा मशहूर फिल्म अभिनेताओं की मिमिक्री भी की छात्र बहुत उत्साहित नजर आ रहे थे कार्यक्रम में सुपर सीनियर्स ने भी शिरकत की कार्यक्रम के अंत में हज कमेटी द्वारा अनिता कुमारी को मिस फ्रेशर तथा मनीष कुमार को मिस्टर फ्रेशर का खिताब दिया गया रजत राज ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं कार्यक्रम में रंजन कुमार गुप्ता, सितेश कुमार, मनीष कुमार , गौरव श्रीवास्तव, नीरज कुमार चौधरी, फूलबाबू कुमार राहुल कुमार गुप्ता, अनुष्का कुमारी...

बिहार में जल्द ही शुरू होगा ऑनलाइन ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया

2014 से ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन होने की घोषणा हुई थी लेकिन आज तक ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं हो पाई है राज्य में करीब 40000 से अधिक दवा दुकानें हैं जैसा की ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार दवा दुकानों पर दवा का बिक्री एवं भंडारण एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के हाथों होना चाहिए दवा जीवन रक्षक वस्तु होती है लेकिन दवाओं का दुरुपयोग हुआ तो वह मौत का सामान बन जाती है ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया के निरीक्षक कार्यालय स्थापित किया जा रहा है

मोदी जी के सपनों पर फ़िर रहा है पानी ,फ्लॉप हो रहा है जन औषधि परियोजना

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गरीबों का सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र परियोजना का शुभारंभ किया था जिसके अंतर्गत देश में 3000 से अधिक जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन सरकार अपने मंसूबों में पूरी तरह से सफलता नहीं पा रही है अच्छी स्कीम होने के बावजूद भी देश में अभी तक मात्र एक हजार ही जन औषधि केंद्र खुल पाए हैं तथा अधिकतर जन औषधि केंद्र  दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं  क्या है मामला  जेनेरिक दवाइयों को साधारणता दवा के साधारण नियम यानी साल्ट नेम से जाना जाता है लेकिन प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र किराए के सर्टिफिकेट पर चलाए जाने के कारण दवा दुकानों पर योग्य व्यक्ति नहीं हो पाते हैं और योग्य व्यक्ति नहीं होने के कारण दवा का साल्ट नेम हर कोई नहीं समझ पता है दवा का साल्ट नेम केवल फार्मासिस्ट ही जानता है तथा इस बारे में अन्य दवाइयां केवल एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट ही बता सकता है क्योंकि एक फार्मासिस्ट दवा के वितरण भंडारण एवं गुणवत्ता परीक्षण तथा दवा निर्माण का कार्य करते हैं  प्रमुख वजह दवा लिखने का अधिकार केवल रजिस्ट...

स्वरोजगार का विकल्प चुनें फार्मासिस्ट

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 देश में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा अफसरशाही से देश में ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन हो रहा है ऐसे में फार्मासिस्ट स्वरोजगार के विकल्प से अपना व्यवसाय स्थापित कर सम्मानजनक जीवन जी सकता है फर्मासिस्ट बनकर दवाओं की बिक्री करने के पेशे को स्वरोजगार का बेहतर विकल्प माना जा सकता है। इस पेशे में उतरने के लिए जरूरी योग्यता और अन्य संभावनाओं पर हमने यहां प्रकाश डालने की कोशिश की है। इसके अनुसार आप स्वरोजगार की अपनी राह को चुन सकते हैं। जरूरी योग्यता  फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स या बायोलॉजी विषयों के साथ ग्यारहवीं और बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद डीफॉर्म (डिप्लोमा इन फार्मेसी) पाठ्यक्रम में दाखिला लिया जा सकता है। बीफॉर्म में दाखिले के लिए भी न्यूनतम योग्यता यही है। मास्टर डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए फार्मेसी में बैचलर डिग्री का होना आवश्यक है। फार्मेसी के डिप्लोमा या बैचलर डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश बारहवीं में प्राप्त अंकों या प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। दो वर्षीय डिप्लोमा हासिल करने के बाद आपके पास दवा की दुकान खालने का विकल्प तो होता ही है, आगे प...

सावधान कहीं आप गलत दवा तो नहीं खा रहे हैं

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कहीं आप भी तो गलत दवा नहीं खा रहे? ‘नो योर मेडिसिन’... अक्सर लोग केमिस्ट पर पर्चियां दिखा कर दवा ले लेते हैं और उन्हें लम्बे समय तक खाते रहते हैं. सोनी के साथ भी यही हुआ. पेट दर्द के लिए डॉक्टर से सलाह ली और डॉक्टर के बनाए पर्चे को दिखा कर दवा खाने लेगी. 3 महीने बाद भी जब उसका पेट दर्द नहीं गया तब सोनी ने डॉक्टर बदल कर देखा. आप ये जान कर हैरान हो जाएंगे कि सोनी को 3 महीने तक वो डॉक्टर टीबी की दवाएं खिला रहा था और सोनी खाती भी जा रही थी. जबकि सोनी को सिर्फ पेट इन्फेक्शन था. सोचिए कहीं ऐसा आपके साथ भी तो नहीं हो रहा? ये बात सोनी की नहीं बल्कि ऐसे कई लोगों की है जो बिना जांचे-परखे दवाइयां खाते रहते हैं और दूसरी कई अन्य समस्याएं अपना लेते हैं. इन सबसे बचने के लिए यह बेहद जरुरी हो जाता है कि हम अपनी दवाओं के बारे में जाने. दवाओं को जानने और उनके इस्तेमाल को समझने के लिए ‘नो योर मेडिसिन’ कार्यक्रम के द्वारा लोगों को दवाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है. ‘नो योर मेडिसिन’ स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में स्वस्थ भारत ट्रस्ट द्वारा स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत इस कैंप...

वीडियो कैमरा के अभाव में बिहार में फैल रहा है अवैध दवा कारोबार

औषधि प्रशासन के आदेश के बाद बिहार में दवा व्यवसाइयों की चांदी हो गई है जी हां बिहार सरकार ने 2 माह पूर्व एक आदेश निकाला था जिस में स्पष्ट था कि औषधि निरीक्षक दवा दुकानदारों से जबरदस्ती अवैध वसूली करते हैं अतः दवा दुकानदारों को सुविधा प्रदान करते हुए सरकार ने यह आदेश निकाला था की दवा दुकान का निरीक्षण करते समय औषधि निरीक्षक वीडियो कैमरा के सामने होंगे तथा ऑन द स्पॉट घटना की पूरी जानकारी वीडियो कैमरा में रिकॉर्ड किया जा सकेगा                                        लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण आज तक ना तो औषधि निरीक्षक को वीडियो कैमरा प्रदान किया गया है ना ही वीडियो कैमरा चलाने वाले ऑपरेटर की बहाली की गई है ऐसे में दवा दुकानों का निरीक्षण 2 महीनों से बाधित है जिस कारण से कुछ दवा दुकानदारों द्वारा बिना फार्मासिस्ट दुकान संचालन अवैध नशा कारोबार तथा नकली दवा का कारोबार भी पनप रहा हैoo