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फार्मेसी संस्थान में शिक्षक समारोह

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अमरलाल न्यूज़डेस्क पटना राजकीय फार्मेसी संस्थान अगम कुआं पटना में आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस के उपलक्ष पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ वर्तमान प्राचार्य राम कुमार एवं शैलेंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में गुरु का महत्व उल्लेखनीय हैं कहा जाता है कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है और इंसान जिनसे भी प्रेरणा लेते हैं वह उनके गुरु कहलाते हैं उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि जीवन में हमेशा संघर्ष करने का प्रयत्न करना चाहिए और जहां मुसीबत दिखे गुरु की प्रेरणा जरूर लेनी चाहिए कार्यक्रम में डिप्लोमा फार्मेसी ऑर्गेनाइजेशन के फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने गुरु की व्याख्या करते हुए गुरु की तुलना परमेश्वर से की वही फार्मा एक्टिविस्ट रजत राज , सुबोध, संत ने समाज में गुरु के महत्व को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि इंसान मिट्टी है जिसे गुरु अपने ज्ञान से मूर्ति बना सकता है छात्रों ने बताया कि फार्मेसी में छात्रों को रोजगार के भरपूर अवसर है राज्य में 12000 से अधिक अस्पताल हैं लेकिन कार्यरत फार्मासिस्ट...

भारत में फार्मेसी के पितामह की जीवनी जरूर पढ़ें स्वर्गीय श्राफ की जीवन के संघर्ष की कहानी

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आज फार्मेसी और फार्मासिस्टों की भारत में एक अलग पहचान है फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में आज विश्व में भारत का विशेष योगदान है दुनिया के अधिकतर देशों में भारत से दवाइयां भेजी जाती हैं आज देश में लगभग 12लाख फार्मासिस्ट हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में फार्मेसी शिक्षा की शुरुआत किसने और कब की थी आइए प्रस्तुत है फार्मेसी शिक्षा के जनक महादेव लाल श्राफ की जीवनी भारत में फार्मेसी के पितामह कहे जाने वाले महादेव  लाल सराफ का जन्म बिहार के दरभंगा में 6 मार्च, 1 9 02 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था इंटरमीडिएट तक की शिक्षा उन्होंने भागलपुर सेे प्राप्त की थी जिसकेेेे बाद उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बनारस आना पड़ा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज में इंजीनियरिंग किया। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित गांधी समर्थक होने के कारण उन्हें कॉलेज के प्रिंसिपल द्वारा निलंबित कर दिया गया । तो, वह चीन और जापान चले गए जहां उन्होंने एक समाचार पत्र के साथ काम किया और फिर उच्च अध्ययन के लिए अमेरिका गए। 1 9 43 - बिड़ला ब्रदर्स लिमिटेड के चीफ केमिस्ट एंड रिसर्च...

जानिए शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है लीवर

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आपने छोटी-बड़ी समस्याओं में अक्सर डॉक्टर को कहते सुना होगा कि मरीज का लिवर खराब है। क्या आप जानते हैं आपका लिवर कितना महत्वपूर्ण है और कितनी जरूरी है इसकी देखभाल। लिवर शरीर का सबसे भारी अंग होता है। लिवर पेट के अंदर पाया जाता है। हमारे जिंदा रहने और स्वस्थ रहने के लिए जो फंक्शन बॉडी में होते हैं, उनमें से ढेर सारे फंक्शन लिवर के द्वारा संपन्न होते हैं। लिवर में समस्या होने पर कई तरह के रोग जैसे- फैटी लिवर, लिवर इंफेक्शन, हेपेटाइटिस, पीलिया आदि हो जाते हैं। आइए आपको बताते हैं कि लिवर आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है। लिवर क्यों है पोषण के लिए जरूरी हम जब कोई चीज खाते हैं, तो डाइजेस्टिव सिस्टम इसे तुरंत छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ना शुरू कर देता है। इसके बाद ये आहार खून के सहारे हेपाटिक पोर्टल सिस्टम के जरिए लिवर तक पहुंचता है। लिवर भोजन में मौजूद सभी पोषक तत्व जैसे- विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि को अलग करता है और शरीर की जरूरत के अनुसार इसे अलग-अलग अंगों को पहुंचाता है। ये कुछ पोषक तत्वों को स्टोर कर लेता है, ताकि इसे एनर्जी की तुरंत जरूरत होने पर इस्तेमाल कर सक...

इंटर्नशिप कर रहे फार्मेसी छात्रों ने पीएमसीएच में भी मनाया शिक्षक दिवस सीनियर फार्मासिस्टों को किया सम्मानित

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पीएमसीएच पटना बिहार  कहते हैं ना कि गुरु बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है लेकिन केवल शिक्षा देने वाले शिक्षक गुरु नहीं होते हैं बल्कि वह हर एक व्यक्ति गुरु समान है जो जीवन मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करते हैं ताकि आप संसार की  बुराइयों से बच सकें वह प्रत्येक व्यक्ति हमारा गुरु है जो हमें इन मुसीबतों से लड़ने हेतु हमारे हृदय में प्रेरणा भरने का काम करते हैं विचलित पथ से हमें जीवन के सुपथ पर लाने का काम करते हैं  पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षण प्राप्त् कर रहे फार्मेसीी छात्र केे इस कथन की सार्थकता को साबित करते हुए पीएमसीएच सेंट्रल इमरजेंसी में शिक्षक दिवस काा आयोजन किया छात्रों सीनियर फार्मासिस्ट धनंजय कुमार ने बतायाा कि जीवन में अनुशासन एवंं संस्कार बेहद जरूरीी है और छात्र जीवन में  इसका विशेष महत्व है कार्यक्रम में फार्मासिस्ट कामेश्वर कुमार सिंह ,नित्या नंद किशोर ,सत्येंद्र्र प्रसाद, रघुवीर भगत ,सतीश कुमार ,प्रमोद कुमार, मोहित कुमार, जवाहर ,अजीत कुमार एवंं अन्य सीनियर फार्मासिस्टों को छात्रों द्वारा सम्मानित किया गया फार्मेसी छात्र रजत...

फार्मेसी कॉलेज में शिक्षक दिवस का आयोजन

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 शिक्षा न्यूज़ डेस्क पटना राजकीय फार्मेसी संस्थान में शिक्षक दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया आयोजन का शुरुआत प्राचार्य डॉक्टर शैलेंद्र कुमार ने केक काटकर किया उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में  गुरु का महत्व उल्लेखनीय हैं कहा जाता है कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है और इंसान जिनसे भी प्रेरणा लेते हैं वह उनके गुरु कहलाते हैं उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि जीवन में हमेशा संघर्ष करने का प्रयत्न करना चाहिए और जहां मुसीबत दिखे गुरु की प्रेरणा जरूर लेनी चाहिए आयोजन में फार्मेसी संस्थान के प्रोफेसर कुमार अजय ,रामकुमार, नीतीश कुमार, अभिषेक गुप्ता, राजीव सत्यार्थी इत्यादि शिक्षकों ने भी भाग लिया कार्यक्रम में फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने गुरु की व्याख्या करते हुए गुरु की तुलना परमेश्वर से की वही फार्मा एक्टिविस्ट रजत राज एवं छत्तीस कुमार ने समाज में गुरु के महत्व को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि  इंसान मिट्टी है जिसे गुरु अपने ज्ञान से मूर्ति बना सकता है रजत राज ने बताया कि फार्मेसी में  छात्रों को रोजगार के भरपूर अवसर ...

आरबीएसके बिहार के फार्मासिस्टों के साथ भेदभाव ,चौधरी कमिटी में भी नहीं मिली जगह

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रजत राज स्पेशल स्टोरी कवर न्यूज़ डेस्क बिहार आरबीएसके में कार्यरत फार्मासिस्टों के वेतन वृद्धि के मंसूबों को बिहार सरकार ने तोड़ दिया है सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के स्थायीकरण के लिए चौधरी कमेटी का गठन किया गया था गठन के बाद कमेटी ने अपना प्रस्ताव सरकार को सौंप दिया है जिसमें कमेटी ने यह उल्लेखित किया है कि कोई भी संविदा कर्मी स्थाई नहीं होगा लेकिन उसे स्थाई कर्मचारियों की तरह अन्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा कमेटी द्वारा सौंपी रिपोर्ट में राज्य के 500000 संविदा कर्मियों को शामिल किया गया है जोकि बिहार में अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन वहीं सरकार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के संविदा कर्मियों को लाभ से वंचित किया है सरकार को भेजी गई प्रस्ताव में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मैं कार्यरत फार्मासिस्ट के वेतन वृद्धि का कोई जिक्र नहीं है                              बिहार आरबीएसके में कार्यरत फर्मासिस्ट प्रदीप कुमार बताते हैं सरकार का रवैया फार्मासिस्टों के प्रति निंदनीय है राज्य सरकार कहती है कि राष्ट्रीय बाल ...

घुस नहीं देने पर फार्मासिस्ट को नहीं दिया ड्रग लाइसेंस

औरंगाबाद  बिहार बिहार के औरंगाबाद जिला मे ड्रग लाइसेंस के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है स्थानीय जनता की माने तो एक ड्रग लाइसेंस के लिए 50000 से ₹100000 तक लिया जाता है जबकि ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया में केवल ₹3000 का चालान जमा करना होता है        मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय फार्मासिस्ट एवं फार्मासिस्ट फाउंडेशन के बिहार संयोजक धर्मेंद्र कुमार ने जब लाइसेंस के लिए आवेदन किया सभी मानक प्रक्रियाओं को अपनाते हुए  धर्मेंद्र ने विभाग को सूचित कर दिया 18 वे दिन धर्मेंद्र को एक दलाल का औषधि नियंत्रक कार्यालय से एक दलाल का कॉल आया दलाल ने बताया कि आप कार्यालय आ कर मिल लीजिए फार्मासिस्ट धर्मेंद्र जॉब औषधि नियंत्रक कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय में एक दलाल उनसे पैसे की डिमांड करने लगा धर्मेंद्र के मना करने के बाद उसने आवेदन रद्द करने की धमकी दी जिस रावत धर्मेंद्र ने स्थानीय जिलाधिकारी को भी संपर्क किया लेकिन किसी बैठक के कारण जिलाधिकारी महोदय धर्मेंद्र की समस्या पर अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाए स्थानीय फार्मासिस्टों ने  आरोप लगाते हुए हमारी टीम को बताया क...

प्रधानमंत्री मोदी से मिले फार्मासिस्ट कहा:- फार्मासिस्टों को मिले प्रैक्टिस का अधिकार

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[प्रधानमंत्री मोदी से मिलते भारतीय फार्मासिस्ट संघ के प्रतिनिधि] भारतीय फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष अभय कुमार की अध्यक्षता में फार्मासिस्ट कि एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपना मांग पत्र सौंपा फार्मासिस्टों का कहना था कि नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत आयुष चिकित्सक एवं नर्सों को ब्रिज कोर्स करा कर प्रमोशन तथा प्रमोशनल अधिकार दिए जा रहे हैं जबकि प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर आयुष चिकित्सक फार्मासिस्ट और नर्स तीनों को ब्रिज कोर्स कराने का वादा किया था उन्होंने बताया कि हम एलोपैथिक चिकित्सा में बेहद गहन अध्ययन करते हैं और इसके वास्तविक हकदार फार्मासिस्ट हैं इसलिए फार्मासिस्टों को भी प्रेक्टिस करने का अधिकार दिया जाए सरकार ने आयुष चिकित्सकों को ब्रिज कोर्स कराकर चीफ मेडिकल ऑफिसर बनाने का काम कर रही है जबकि एक फार्मासिस्ट जीवन भर केवल फार्मासिस्ट ही रह जाता है उन्होंने बताया कि विभाग के चपरासी तक को भी गजेटेड ऑफिसर का रैंक दिया जाता है लेकिन फार्मासिस्टों के साथ उदासीनता क्यों  इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सचिव भूपेंद्र कुमार ने बताया कि फार्मासिस्टो...

यह कैसीअव्यवस्था बिहार के 12000 अस्पतालों में मात्र 750 फार्मासिस्ट कार्यरत

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जी हां यह बात आपको हैरान कर देगी कि बिहार के 12,000 अस्पतालों में मात्र 750 फार्मासिस्ट में कार्यरत हैं ऐसे में दवाइयों का रखरखाव एवं वितरण भंडारण अप्रशिक्षित हाथों यानी चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से कराया जाता है जिनको दवा तक पढ़ने नहीं आती केवल रंग पहचानकर दवाई देते हैं यह बातें फार्मासिस्ट फाउंडेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कुमार भारती ने कही उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट एक संवैधानिक पद है और बिना फार्मासिस्ट के दवा का वितरण भंडारण करना गैरकानूनी है सरकार द्वारा इसके लिए जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है फिर भी राज्य सरकार कानून का उल्लंघन कर रही है राजकीय फार्मेसी छात्रावास परिसर में आयोजित इस बैठक में राज्य के प्रत्येक जिलों के फार्मासिस्टों ने भाग लिया तथा जल्द ही फाउंडेशन की जिला स्तरीय टीम का भी विस्तार किया जाएगा संयोजक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल फार्मासिस्ट फाउंडेशन की टीम प्रत्येक जिले में बनाई जा रही है लेकिन चुनाव अप्रैल 2019 में कराया जाएगा जो कि ऑनलाइन होगा संगठन निष्पक्ष और निस्वार्थ भावना से काम करेगा  संगठन के सच...

जलमग्न हुआ पटना का एकमात्र फार्मेसी संस्थान

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अगम कुआं स्थित बिहार का गौरव बिहार का एकमात्र फार्मेसी संस्थान राजकीय फार्मेसी संस्थान की स्थिति बारिश के बाद बेहद बदतर हो गई है संस्थान परिसर में अधिक जलजमाव होने के कारण आना जाना मुश्किल हो गया है  (जल में पूरी तरह से डूबा संस्थान का छात्रावास) वही संस्थान का हॉस्टल पूरी तरीके से जल में डूब गया है छात्र बताते हैं कि यह वाक्य केवल इस साल का नहीं बल्कि प्रत्येक साल होता है छात्रों को बारिश के मौसम में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है थोड़ी सी बारिश होने के बाद भी संस्थान परिसर में पानी जम जाता है तथा जलीय जीव जंतुओं से भी खतरा बना रहता है संस्थान परिसर में सांप बिच्छू जैसे  जीवों से छात्रों को सचेत रहना पड़ता है संस्थान के पूरब एवं उत्तर दिशा में पानी का जल जमाव सालों भर रहता है पूरे अगम कुआं एवं गुलजारबाग का पानी यही आता है             जबकि संस्थान द्वारा छात्रावास में रह रहे छात्र के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है हालांकि बढ़ते जल जमाव के कारण छात्रों को मजबूरन कॉलेज की दूसरी मंजिल पर शिफ्ट होना पड़ा है   छात्रों ने अप...

बिहार के प्रत्येक जिले में बनेगी फार्मासिस्ट फाउंडेशन स्थाई नियुक्ति होगा मुख्य मसला

[24/07 5:33 pm] Drx RAJAT RAAZ: फार्मासिस्टों के हक एवं फार्मेसी के विकास के लिए तत्पर भारत की फार्मासिस्टों की एक बहुत बड़ी संस्था फार्मासिस्ट फाउंडेशन की शाखा विस्तार बिहार के प्रत्येक जिलों में होने जा रहा है इसकी जानकारी फार्मासिस्ट फाउंडेशन के बिहार सचिव रजत राज ने दी है उन्होंने बताया कि फार्मासिस्ट फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कुमार भारती एवं बिहार शाखा के अध्यक्ष प्रदीप कुमार उपाध्यक्ष अरविंद कुमार एवं सभी कोर कमेटी सदस्य की सहमति से राज्य में संगठन के विस्तार के लिए चुनाव कराए जाएंगे चुनाव के लिए संगठन प्रत्येक प्रमंडल स्तर पर चुनाव पदाधिकारी को मनोनीत करेगा फार्मासिस्ट फाउंडेशन का गठन मुख्य रूप से बेरोजगार फार्मासिस्ट को रोजगार दिलाने के लिए तथा समाज में फार्मासिस्ट संवर्ग को सम्मान जनक स्थान प्रदान करने के लिए किया गया है संगठन मुख्य रूप से दवा और स्वास्थ संबंधी मुद्दों पर कार्य करेगी संगठन का कार्य दवा का जिम्मेवारी पूर्ण एवं सुरक्षित उपयोग होगा दवा के बारे में जागरूकता के लिए जहां दवा वहां फार्मासिस्ट तर्ज पर संगठन आगे भी अपनी कार्यक्रमों को क्रियान्वन करते रहेंगे स...

बिहार के इस अस्पताल में नहीं है एक भी फार्मासिस्ट

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दवा के बिना स्वास्थ्य सेवाओं की कल्पना नहीं की जा सकती है लेकिन वही बिहार के एक प्रतिष्ठित अस्पताल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में एक भी फार्मासिस्ट की नियुक्ति नहीं किया गया है विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में भले ही ओपीडी में मेडिसिन वितरण नहीं किया जाता है लेकिन अस्पताल में सर्जिकल एवं अन्य दवा संबंधी कार्य के लिए दवाओं का उपयोग किया जाता है फार्मासिस्ट फाउंडेशन बिहार के सचिव रजत राज बताते हैं कि इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान बिहार का पहला संस्थान है जहां किडनी ट्रांसप्लांट घुटना ट्रांसप्लांट एवं ट्रामा सेंटर की सुविधा सरकार के तरफ से उपलब्ध कराई गई है ऐसे में सरकार द्वारा ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन कर ना केवल सरकारी कानूनों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि फार्मासिस्टों की भी उपेक्षा की जा रही है ऐसे में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना के चिकित्सा विज्ञान पर भी सवाल उठता है मामले का उजागर सूचना अधिकार कार्यकर्ता ओमप्रकाश ने किया है जिसके प्रत्युत्तर में आईजीआईएमएस प्रबंधकों ने बताया कि संस्थान में फार्मासिस्टों के सभी पद रिक्त है लेकिन उन पर नियुक्ति की को...

परीक्षा में हो रहे विलंब को लेकर सिन्हा कॉलेज के छात्र भूख हड़ताल पर आज चौथे दिन 4 की बिगड़ी हालत

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बिहार सरकार भले शिक्षा को लेकर अपनी वाहवाही लूट रही है लेकिन इस सिस्टम के खामियों की वजह से ही बिहार के छात्रों का भविष्य अंधकारमय होते जा रहा है            औरंगाबाद एस एन सिन्हा कॉलेज के बैचलर इन फार्मेसी के छात्रों की परीक्षा बेहद विलंब से चल रही छात्र 2013-17 की परीक्षा अब तक नहीं हो सकी है जिससे छात्रों को मजबूरन भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा है छात्रों का कहना है कि मगध विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है समय पर ना तो परीक्षा लिए जाता है और ना ही परीक्षाफल प्रकाशन किया जाता है छात्रों द्वारा सैकड़ों चिट्ठियां लिखने के बाद विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती है क्या है मामला बिहार सरकार के दो निजी प्राइवेट कॉलेजों की परीक्षा राज्य के मगध यूनिवर्सिटी से कराई जाती है क्योंकि मगध यूनिवर्सिटी द्वारा फार्मेसी की परीक्षा में कोई विशेष ध्यान नहीं होने के कारण फार्मेसी छात्रों के साथ उदासीनता का रवैया अपनाया जाता है जिससे फार्मेसी की परीक्षा होने में काफी विलंब हो जाती है क्या है मांगे छात्रों की मांग है कि छात्रों की परी...

फ्रेशर पार्टी के मौके पर फिल्मी गानों पर थिरके फार्मेसी छात्र

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आज राजकीय फार्मेसी संस्थान में बी.फार्मा 2016 बैच द्वारा 2017 बैच के लिए फ्रेशर पार्टी। का आयोजन किया गया ।। आयोजन धमाकेदार बनाते हुए छात्रों ने हिंदी फिल्मी गानों पर जमकर डांस किया कार्यक्रम में फार्मेसी संस्थान के शिक्षक भी उपस्थित थे मंच  संचालन जयकरण भाटिया और प्रियंका भारती द्वारा किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र गान से किया गया । कार्यक्रम में गतिविधि के अनुसार विजेता का चयन किया गया जिसमें अच्छी परफॉर्मेंस देने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया जिसमें अभिषेक कुमार को मिस्टर फ्रेशर स्नेहा कुमारी को मिस फ्रेशर राजा बाबू को मोस्ट loving जूनियर। स्वेता बरनवाल को मिस रनर अप चुना गया। फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.शैलेन्द्र कुमार द्वारा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य का शुभारम्भ दिया गया।। इस कार्यक्रम में अरजेश श्रीवास्तव,राजीव, कमलेश , ललन ,रोहित, हिमांशु , सुरूची , भावना , फौजिया, राजनंदनी, प्रियंका, आरती आदि शामिल हुए।। यदि आपके पास भी फार्मेसी से संबंधित कोई समाचार है तो आप हमें मेल कर सकते हैं हमारा मेल पता हैpharmacistbihar@gmail.com

नकली दवा बनाने एवं बेचने वाले को हो सकती है उम्रकैद सरकार कर रही है नया कानून का निर्माण

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रजत राज  न्यूज़ डेस्क पटना नकली दवाइयों के बढ़ते कारोबार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दवा का कारोबार एवं प्रचार-प्रसार करने वाली कंपनियों को भी चेतावनी दी है और जल्द ही ड्रग एवम कॉस्मेटिक एक्ट में संशोधन कर नया नियम बनाया जाएगा ताकि दवा निर्माण और मार्केटिंग दोनों कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके ज्ञात हो कि भारत वर्ष में प्रतिवर्ष लाखों लोग नकली दवाइयों के कारण मौत के घाट सो जाते हैं स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बाबत प्रस्ताव पर जल्द ही मुहर लग सकती है जहां नकली दवाइयां पाई जाएगी या दवा की गुणवक्ता कम आंका जाएगा वहां दवा की मार्केटिंग करने वाली कंपनी को भी दंडित किया जाएगा मौजूदा नियम के तहत अगर दवा नियामक का उल्लंघन किया जाता है तो केवल निर्माता को ही जिम्मेदार ठहराया जाता था लेकिन नए नियम के अनुसार दवा निर्माता एवं दवा का कारोबार करने वाले दोनों व्यक्तियों को सजा हो सकती है एक संस्था एसोचैम द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत में बिक रही 25% दवाएं नकली होती ह...

न्यूनतम ₹25000 पर अपनी सेवाएं देंगे फार्मासिस्ट

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आज राजकीय फार्मेसी छात्रावास में छात्रों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें फार्मेसी के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई बैठक को संबोधित करते हुए फार्मासिस्ट ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन की उदासीनता के कारण राज्य में अवैध दवा कारोबार पनप रहा है जो कि जनता के लिए बेहद घातक है बेहद पैमाने पर नकली दवाइयों के पकड़े जाने के बाद भी सरकार सतर्क नहीं हो रही है केवल पटना में ही छापेमारी की जाती है जबकि उन दवाइयों का सप्लाई नेपाल के बॉर्डर तक किया जाता है विभागीय उदासीनता के कारण इन दुकानों पर कार्यवाही नहीं हो पाती वहीं राज्य में ऑनलाइन व्यवस्था होने के बावजूद भी राज्य के 40000 दुकानों में से केवल 3000 दुकानों का ही वेबसाइट पर डाला गया है जिसमें से 750 दुकानें बगैर फार्मासिस्ट की चल रही है बैठक में फार्मासिस्टों की निम्नलिखित मांगे थी जिसके बारे में सरकार को लिखा जाएगा   (1) फार्मासिस्ट एक टेक्निकल क्वालिफाइड पर्सन है और दवा विशेषज्ञ के रूप में फार्मासिस्ट का वेतन न्यूनतम ₹25000 पर अपनी सेवाएं देंगे तथा सरकार के पूर्व सचिव अंजनी कुमार के आदेश अनुसार फार्मासिस्टों का वेतन उनके बैं...

21 दिनों के अंदर घर बैठे मिलेगा ड्रग लाइसेंस- स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे

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बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन के सॉफ्टवेयर का उद्घाटन करते हुए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री मंगल पांडे ने बताया कि देश कि भाजपा सरकार डिजिटल इंडिया पर आधारित सेवाओं को लाने में इच्छुक है तथा इसके लिए प्रयासरत ही है उन्होंने कहा लाइसेंस प्रक्रिया में पहले जो भ्रष्टाचार होता था ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बाद नीचे ही उस पर लगाम लगाया जाएगा अब घर बैठे फार्मासिस्ट लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे आवेदन करने के 21 दिन के अंदर उन्हें लाइसेंस निर्गत कर दिया जाएगा आदि आदि इंस्पेक्शन में किसी प्रकार की दिक्कत होगी तो अतिरिक्त 7 दिनों का समय लिया जाएगा विभाग द्वारा आंशिक रूप से ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन किया गया है प्रत्येक दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता भी सुनिश्चित की गई है आज भी बिहार में 70% दवा दुकानों पर फार्मासिस्टों की उपस्थिति नहीं है लेकिन ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार दवा के क्रय विक्रय और भंडारण हेतु फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य है होलसेल दवा दुकानों पर भी फार्मासिस्ट की अनिवार्यता के लिए भी फार्मासिस्ट एसोसि...

कछुए की चाल से बिहार औषधि प्रशासन ऑनलाइन DNA OF BIHAR FDA

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2013 से बिहार में ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन होने की घोषणा कर दी गई थी तत्कालीन औषधि नियंत्रक हेमंत कुमार ने प्रयास भी किया था  लेकिन दवा घोटाले के बाद मामला थोड़ा फीका पड़ गया और दवा माफियाओं का दबाव लगातार सरकार पर बनता रहा और 2014 में  नीतीश लालू की सरकार ने ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर पहल शुरू करना आरंभ कर दिया  लेकिन प्रक्रिया टालमटोल में ही रह गई 2015 में सॉफ्टवेयर के नमूने बनाए गए और टेंडर का काम चल रहा था की प्रभारी अधिकारी को स्थानांतरण कर दिया गया लगातार दबाव माफियाओं का दबाव सिस्टम को झकझोरता रहा  और इसी बीच कुछ अच्छे अफसर भी आए जिन्होंने इसे प्राथमिकता से लिया सरकार के अपर सचिव अंजनी कुमार ने 2016 में यह आदेश दिया की फार्मासिस्टों का वेतन उनके बैंक अकाउंट से दिया जाए एवं जब तक ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं तब तक बिहार में दवा दुकान के लिए लाइसेंस नहीं दिया जाएगा जो कि फार्मेसी क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी परंतु जब बिहार में गठबंधन टूटने के बाद भाजपा सरकार में आई तो एक बार फिर से ड्रग लाइसेंस प्रक्रिया थोड़ा सुस्त हो गया और माननीय स्वास्...