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फार्मेसी संस्थान में शिक्षक समारोह

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अमरलाल न्यूज़डेस्क पटना राजकीय फार्मेसी संस्थान अगम कुआं पटना में आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस के उपलक्ष पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ वर्तमान प्राचार्य राम कुमार एवं शैलेंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में गुरु का महत्व उल्लेखनीय हैं कहा जाता है कि गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है और इंसान जिनसे भी प्रेरणा लेते हैं वह उनके गुरु कहलाते हैं उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि जीवन में हमेशा संघर्ष करने का प्रयत्न करना चाहिए और जहां मुसीबत दिखे गुरु की प्रेरणा जरूर लेनी चाहिए कार्यक्रम में डिप्लोमा फार्मेसी ऑर्गेनाइजेशन के फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने गुरु की व्याख्या करते हुए गुरु की तुलना परमेश्वर से की वही फार्मा एक्टिविस्ट रजत राज , सुबोध, संत ने समाज में गुरु के महत्व को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि इंसान मिट्टी है जिसे गुरु अपने ज्ञान से मूर्ति बना सकता है छात्रों ने बताया कि फार्मेसी में छात्रों को रोजगार के भरपूर अवसर है राज्य में 12000 से अधिक अस्पताल हैं लेकिन कार्यरत फार्मासिस्ट...

कोरोना के दवा का अवैध वितरण के लिए राजनेताओं और समाजसेवियों को नोटिस

महाराष्ट्र के एक ड्रग इंस्पेक्टर के शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार  से आग्रह किया कि वह ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा प्राप्त प्रतिक्रियाओं में विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए राजनेताओं और मशहूर हस्तियों द्वारा रेमेडिसविर इंजेक्शन के निजी वितरण की अपनी जांच पर निष्पक्ष रिपोर्ट पेश करें  पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि निर्माताओं ने कोर्ट को बताया है कि उन्होंने केवल सरकार को रेमडेसिविर प्रदान किया है, ड्रग इंस्पेक्टर के नोटिस पर सोनू सूद फाउंडेशन की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि उन्होंने निर्माताओं से संपर्क किया था, और उन्होंने कुछ दवाएं प्रदान कीं।ऐसा लगता है कि कोई समस्या है। सूद फाउंडेशन का कहना है कि हमने अनुरोध किया, जुबिलेंट, सिप्ला, हेरेटो, हमें मदद करने के लिए, लेकिन आपकी (केंद्र सरकार की) जानकारी कहती है कि इन कंपनियों ने कभी प्रदान नहीं किया और इसकी आपूर्ति केवल सरकारी एजेंसियों को की गई थी, “जस्टिस एए सैयद और जीएस कुलकर्णी ने कोविड -19 जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा।  यूओआई के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह...

रेमडेसिविर के केंद्रीय आवंटन को बंद,रेमडेसिविर का उत्पादन दस गुना बढ़ा

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 मोदी सरकार ने रेमडेसिविर के केंद्रीय आवंटन को बंद करने का फैसला किया ज्ञात हो कि आए दिन है रेमडेसिविर का उत्पादन दस गुना बढ़ा और अब देश के पास पर्याप्त रेमडेसिविर, मांग से ज्यादा है आपूर्ति   दिल्ली : रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेमडेसिविर का उत्पादन 11 अप्रैल 2021 को 33,000 शीशियों/दिन से दस गुना बढ़कर आज 3,50,000 शीशियों/दिन हो गया है।  मंत्री ने आगे बताया कि सरकार ने रेमडेसिविर उत्पादन करने वाले संयंत्रों की संख्या भी एक माह के भीतर 20 से बढ़ाकर 60 कर दी है।  उन्होंने कहा कि अब देश में पर्याप्त रेमडेसिविर है क्योंकि आपूर्ति मांग से कहीं अधिक है।  श्री मंडाविया ने कहा कि सरकार ने राज्यों को रेमडेसिविर का केंद्रीय आवंटन बंद करने का निर्णय लिया है।  उन्होंने नेशनल फार्मास्युटिकल्स प्राइसिंग एजेंसी और सीडीएससीओ को देश में रेमडेसिविर की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है।  उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आपातकालीन आवश्यकता के लिए इसे रणनीतिक स्टॉक क...

दवाओं के भगवान, महामारी में भी बेरोजगारी के शिकार

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कल्पना कीजिए कि यदि किसी अस्पताल में डॉक्टर ना हो तो क्या इलाज संभव है लेकिन कल्पना कीजिए  कि यदि डॉक्टर हो भी और अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयां ना हो तो क्या डॉक्टर नर्सेज और अन्य पैरामेडिक्स लोगों की जान बचा पाएंगे जीवन रक्षक दवाइयों से याद आया आज हम इस ब्लॉग में बात करने वाले हैं जीवन रक्षक दवाइयों को बनाने वाले अनुसंधान करने वाले वितरण एवं भंडारण करने वाले दवा की गुणवत्ता परीक्षण करने वाले एक संवर्ग फार्मासिस्ट की  निम्नलिखित शब्द स्वास्थ्य व्यवस्था के शोषित बिहार के फार्मासिस्ट अर्जेस राज श्रीवास्तव के हैं बिहार के बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से लगभग हर कोई परिचित है। अस्पतालो में दवा, स्वास्थ्यकर्मी के कमी , ऑक्सिजन बेड ,कोविड के इलाज के लिए जरूरी दवाई की कालाबजारी और दवाओं के अवैध भंडारण से इस महामारी में बहुत लोगो की असामयिक मृत्यु हो गई  आखिर इसके लिए जिम्मेवार कौन है  आखिर ऐसा हुआ क्यों?? लेखक: अर्जेश राज श्रीवास्तव   वैश्विक महामारी में बेरोजगार फार्मासिस्ट चाह के भी अपनी सेवा नहीं दे पा रहे है। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 और प...

फार्मासिस्ट लौटाएंगे डिग्री, महामारी में फार्मासिस्ट की कोई भर्ती नहीं! विधायक ,मुखिया और समाजसेवी कर रहे हैं दवा वितरण का कार्य

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बिहार के फार्मासिस्ट ने राज्यपाल को पत्र लिखकर फार्मेसी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट लौटाने की बात की है फार्मासिस्ट कहना है कि कई राजनीतिक दल के विधायक एवं समाजसेवी द्वारा इस करोना कि वैश्विक महामारी में दवाओं का अवैध रूप से वितरण एवं भंडारण हुआ है जबकि पूरे प्रकरण के संदर्भ में फार्मासिस्ट संघ द्वारा बार-बार सरकार को सूचित किया गया लेकिन सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए यही नहीं राज्य के 15 हजार से अधिक सरकारी अस्पतालों में मात्र 720 फार्मासिस्ट कार्यरत है ऐसे में सरकार खुद फार्मेसी एक्ट की धारा 42 का उल्लंघन कर रही है राज्य के फार्मासिस्ट ओं का कहना है कि जब इस महामारी में हमारी सेवाएं नहीं ली गई तो इस से अच्छा है कि सरकार कोर्स बंद कर दें और हम अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरकार को वापस करेंगे ड्रग अधिकारी नहीं कर रहे अपनी ड्यूटी। खुलेआम हो रहा है एक्ट का उल्लंघन व जनस्वास्थ्य से खिलवाड़। अयोग्य लोग वितरण कर रहे हैं स्वयं से ही कोरोना की दवा। क्या है मामला  विगत कुछ दिनों से कुछ राजनीतिक दल के विधायक एवं समाजसेवियों द्वारा विभिन्न जगहों पर कैंप लगाकर बिना प्रिसक्रिप्...

Roche और Cipla ने भारत में लॉन्च की कोरोना की नई दवा

  Roche और Cipla ने भारत में लॉन्च की कोरोना की दवा, गंभीर मरीजों के लिए पेश है एंटीबॉडी कॉकटेल इंजेक्‍शन नई दिल्ली: रोश इंडिया और सिप्ला लिमिटेड की एंटीबॉडी कॉकटेल (Casirivimab और Imdevimab) अब भारत में उपलब्ध है. सेंट्रल ड्रग एंड स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने हाल ही में भारत में एंटीबॉडी कॉकटेल (Casirivimab and Imdevimab) के लिए एक इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन (EUA) दिया है. इसे दवा को अमेरिका और कई यूरोपीय यूनियन देशों में भी मंजूरी मिली है.  ये दवा माइल्ड से मॉडरेट कोरोना संक्रमित मरीजों को दी जा सकती है. वयस्कों और 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को जो माइल्ड से मॉडरेट कोरोना के इलाज के लिए, जिन्हें गंभीर रोग विकसित होने का हाई रिस्क है और उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है. ऐसे मरीजों को एंटीबॉडी कॉकटेल (Casirivimab और Imdevimab) दिया जा सकता है. हाई रिस्क वाले मरीजों की स्थिति खराब होने से पहले ये देखा गया है कि  उनका रिस्क कम हो जाता है. अस्पताल में भर्ती और मृत्यु दर 70% और लक्षणों की अवधि को चार दिनों तक कम हो जाता है. किन्हें यह दवा नहीं लेनी चाहिए आयु>=60 साल...

Mucormycosis: दिल्ली हाई कोर्ट ने ब्लैक फंगस की दवा Amphotericin-B के इम्पोर्ट को किया ड्यूटी फ्री

Mucormycosis: दिल्ली हाई कोर्ट ने ब्लैक फंगस की दवा Amphotericin-B के इम्पोर्ट को किया ड्यूटी फ्री दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को अंतरिम राहत देते हुए ब्लैक फंगस (Mucormycosis) के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा एम्फोटेरिसिन बी ( Amphotericin-B) के ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की इजाजत दे दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस पर निर्णय नहीं ले लेता, तब तक कोर्ट के आदेश के तहत दवा को ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि इस दवा का तब तक ड्यूटी फ्री आयात किया जा सकता है जब तक कि केंद्र इस पर सीमा शुल्क माफ करने पर अंतिम निर्णय नहीं लेता। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के बीच ब्लैक फंगस (Black Fungus) एक अलग संकट बन गया है। ब्लैक फंगस की बीमारी में इस्तेमाल होने वाले Amphotericin-B इंजेक्शन की अभी भारत में कमी है, इसलिए इसे बाहर से इम्पोर्ट किया जा रहा है। ऐसे में इन दवाओं पर इम्पोर्ट ड्यूटी एक बड़ा मसला है। इसी को लेकर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि ब्लैक फंगस की दवाइयों पर इम्पोर्ट ड्यूटी इतनी ज्यादा क्यों हैं, ज...
  महोदय सविनय सूचित करना चाहता हूं कि आज दिनांक 27 मई 2021 को अखिल भारतीय फार्मासिस्ट महासंघ online बैठक आयोजित की गई थी जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के फार्मासिस्टओ ने भाग लिया बैठक का मुख्य विषय था बिहार में राजनीतिक दल एवं समाजसेवियों द्वारा बिना किसी मापदंड के अनावश्यक रूप से दवाओं का वितरण एवं भंडारण अखिल भारतीय pharmacist महासंघ के अधिकारियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि यह समय महामारी का है और जरूरत है लोगों की जान बचाने की ना कि बीमारियों का प्रसार करने का ज्ञात हो कि आए दिन सोशल मीडिया पर कुछ राजनीतिक दलों मुख्यतः राजद विधायकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा मुफ्त दवा वितरण किया जा रहा है इस प्रकार की मुफ्त दवा वितरण   फार्मेसी एक्ट के धारा 42 का उल्लंघन है फार्मेसी एक्ट के अनुसार कोई रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट ही दवा का वितरण एवं भंडारण कर सकता है ऐसे में बिहार में महामारी की आड़ में राजनीतिक फायदे के लिए आम जनों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिसके दुष्परिणाम स्वरूप अन्य बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं ज्ञात हो कि प्रत्येक एलोपैथिक दवा का साइड इफेक्ट होता ...
फार्मासिस्ट की जरूरत कहाँ है? फार्मासिस्ट एक अदभुद शब्द है जो कि दवा विशेषज्ञ की पहचान है। वर्तमान में यह उपाधि फार्मेसी क्षेत्र में दो वर्षीय डिप्लोमा और चार वर्षीय डिग्री धारक को प्रदान की जाती है। इस उपाधि को धारित व्यक्ति दवा से सम्बंधित सभी क्षेत्रों में विशेषज्ञ समझा जाता है। फार्मासिस्ट को दवा के निर्माण से लेकर उसके भंडारण और वितरण में जिम्मेदारीपूर्वक अहम भूमिका निभानें के लिए तैयार किया जाता है। फार्मासिस्ट की जरूरत कहाँ है? फार्मासिस्ट की समाज में एक प्रमुख भूमिका होती है तथा जिस प्रकार डॉक्टर बिमारियों के परीक्षण में महारथ हांसिल रखता है, ठीक उसी प्रकार फार्मासिस्ट दवा का सम्पूर्ण विशेषज्ञ होता है। फार्मासिस्ट का दवा के प्रति ज्ञान और जिम्मेदारी देखकर ही “जहाँ दवा वहाँ फार्मासिस्ट” का नारा दिया जाता है। सामाजिक तौर पर फार्मासिस्ट, डॉक्टर और मरीज के बीच की प्रमुख कड़ी होता है जो डॉक्टर और मरीज के बीच समन्वय स्थापित कर, डॉक्टर के निर्देशानुसार दवा वितरण करता है। पर हमने कभी सोचा है कि वास्तव में समाज में फार्मासिस्ट की कितनी आवश्यकता है? हम किताबों में पढ़ते हैं और फार...

दवा के दुष्प्रभाव से बचने के लिए यह जानकारी अवश्य पढ़ें

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दवा जब उचित मात्रा और उचित समय पर लिया जाता है  तो संजीवनी का काम करती है लेकिन वही दवा यदि सही जानकारी और सही मात्रा  के साथ ना लिया जाए जो व्यक्ति के मौत का कारण भी बन सकती है शायद आपने देखा भी होगा आज ही दरभंगा के अखबार में प्रकाशित है आप सभी को पता होगा कि दवा दुकान पर बिना फार्मासिस्ट के दवा वितरण नहीं किया जा सकता है आइए जानते हैं क्या है मामला आखिर दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता जरूरी क्यों है आखिर इसके लिए कानून क्यों बनाया गया है ? दवा कोई मामूली वस्तु नहीं बल्कि जीवन रक्षक सबसे उपयोगी वस्तु है बिना दवा के स्वास्थ्य व्यवस्था की कल्पना ही नहीं की जा सकती है जैसा कि हम सभी जानते हैं कि प्रत्येक एलोपैथिक दवा का साइड इफेक्ट होता है लेकिन उनसे इस प्रकार तैयार किया जाता है कि मरीज को ज्यादा लाभ और नुकसान कम हो दवा के सेवन से पूर्व मरीज को दवा संबंधी जानकारी उसके उपयोग की जानकारी दवा लेने की मात्रा की जानकारी होनी जरूरी है अन्यथा दवा के दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे दवा कब लेनी है कैसे लेनी है कितनी मात्रा में लेनी है दवा के साथ कौन से भोजन कर सकते हैं कौन से...

इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर पर हमला अवैध रूप से कर रहा था दवा कारोबार

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बिहार के लखीसराय में दवा दुकान इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर रविंद्र मोहन को स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर द्वारा  बंधक बनाकर उन्हें घायल कर दिया गया औषधि निरीक्षक बताते हैं कि अवैध दवा कारोबार की सूचना मिलने पर  इस्पेक्टर रविंद्र दवा दुकान इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे जहां दवा दुकान के स्टाफ ने दवा दुकान का लाइसेंस नहीं दिखायाजब ड्रग इस्पेक्टर रविंद्र ने पूछा कि आपके यहां का  फार्मासिस्ट कहां है तो दवा विक्रेता डॉक्टर साहब से मिलने को बोलने लगा ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि हम दवा दुकान का इंस्पेक्शन करने आए हैं और दवा दुकान का इंस्पेक्शन करेंगे लाइसेंस दिखाने के मामले में ही औषधि निरीक्षक और दवा विक्रेता की बहस हो गई और दवा विक्रेता डॉक्टर के केबिन में गया और वहां डॉक्टर के सहयोगियों द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर को जबरन डॉक्टर के केबिन में ले जाया गया जहां झोलाछाप डॉक्टर द्वारा ड्रग इस्पेक्टर रविंद्र को रिश्वत देने की कोशिश की गई जब ड्रग इस्पेक्टर रविंद्र तैयार नहीं हुए तब डॉक्टर ने अपने सहयोगियों के साथ ड्रग इस्पेक्टर पर हमला बोल दिया  डॉक्टर द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर के मु...

फार्मासिस्ट भर्ती आंदोलन से जुड़े और रोजगार पाएं बिहार के युवा फार्मासिस्ट बंधुओं तथा फार्मा न्यूज की रोजगार की दिशा में एक पहल

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सरकार ने जारी किया फार्मासिस्ट सेवा नियमावली ,डिप्लोमा फार्मासिस्ट को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

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देश में बेरोजगारी का आलम इस कदर फैला हुआ है कि यदि आधी पास की वैकेंसी आए तो ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट छात्र भी मौका छोड़ना नहीं चाहते जहां एक तरफ भारतवर्ष में भारतीय भैंस राज्य परिषद द्वारा फार्मासिस्ट बनने की न्यूनतम योग्यता डिप्लोमा इन फार्मेसी रखी गई है वहीं दिल्ली सरकार और कई ग्रैजुएट फार्मासिस्ट संगठनों द्वारा सरकार पर दबाव डाल कर सरकारी सेवाओं में फार्मेसिस्ट बनने की न्यूनतम योग्यता फार्मेसी संकाय में स्नातक करा दिया गया है जिसे देश के फार्मासिस्ट में रोष है http://bit.ly/2Gj8M8x (+919504814001) Designer blazers online only at 700 क्या है आंतरिक मामला फार्मेसी के पितामह कहे जाने वाले डॉक्टर  श्रॉफ ने इंटरमीडिएट विज्ञान के साथ उत्तीर्ण छात्रों के लिए दो कोर्स शुरू की है जिसमें डिप्लोमा 2 वर्ष 3 महीने का जो कि अस्पताल फार्मेसी के दायित्वों को रखकर बनाया गया था जबकि वही 4 साल के बैचलर इन फार्मेसी कोर्स को मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल फार्मेसी के लिए शुरू किया था दिल्ली सरकार के गजट प्रकाशन होने के बाद देश के फार्मासिस्ट संगठनों में रोष है

देश को "उड़ता पंजाब "से बचाने वाला एक सिपाही की निर्मम हत्या

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ये है डॉ नेहा सूरी, जो पंजाब में ड्रग इंस्पेक्टर के पोस्ट पर तैनात थीं। कुछ हीं महीने पहले इन्होंने कुछ फार्मेसी आउटलेट्स पर छापा मारा था और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री के लिए उनके लाइसेंस रद्द कर दिए थे। कल, एक ड्रग पेडलर ने मोहाली में इनके कार्यालय में आकर दिनदहाड़े इन्हें गोली मार दी। पंजाब के लगभग 70-80%  युवाओं  को बर्बाद कर चुकी ड्रग्स से लड़ने वाली एक ईमानदार अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नेहा की उन जैसे लोगों की बहादुरी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी हमारे सशस्त्र बलों,सेना और पुलिस की। ये लोग देश को अंदर से सुरक्षित करते हैं। वे हमारे समाज, हमारे युवाओं, हमारे लोगों की रक्षा करते हैं । इस बहादुर और ईमानदार  महिला को दिल से सैल्यूट है जिन्होंने कई युवाओं के भविष्य की रक्षा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया।

बिहार के आक्रोशित पैरामेडिकल छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री को थमा दिया कटोरा कहा विभाग गरीब है तो आइए साथ में भीख मांगते हैं

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SUBSCRIBE बिहार के आक्रोशित paramedical छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री को थमा दिया कटोरा कहा विभाग गरीब है तो आइए साथ में भीख मांगते हैं पटना  :  बिहार से एक  बड़ी खबर है जहां अगमकुआं स्थित आरएमआरआई में पूर्वोत्तर राज्य के छात्रों के स्वागत समारोह में भाग लेने के बाद लौट रहे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का घेराव एनएमसीएच पारा मेडिकल संघ के छात्रों ने किया। इस दौरान छात्र मंत्री की निकल रही गाड़ी के आगे लेट गए और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर मंत्री भी अपनी गाड़ी से उतर कर छात्रों के बीच पहुंचे और उनकी बात सुनना चाहा। इसके पहले ही आक्रोशित छात्रों ने मंत्री जी को एक मांग पत्र सौंपा। साथ ही साथ उन्हें एक कटोरी भी पकड़ा दिया। बातचीत हो पाती इसके पूर्व ही माहौल बिगड़ गया। छात्रों ने मंत्री जी को कटोरी पकड़ाते हुए भीख मांगने की बात कही। इसके बाद धक्का-मुक्की का माहौल शुरू हो गया। किसी तरह मंत्री छात्रों को समझाना चाहे, मगर छात्र आक्रोशित थे। उनका कहना था कि उनकी समस्याओं का निराकरण नालंदा मेडिकल कॉल...

देश के फार्मासिस्ट को मिले प्रिस्क्रिप्शन लिखने का अधिकार

आमतौर पर छोटी मोटी बिमारियों मसलन सर्दी जुकाम बुखार कटना छीलना खांसी होने पर लोग डॉक्टर्स के पास नहीं जाते। डॉक्टर की फ़ीस के बचाने के लिए जनता सीधे केमिस्ट शॉप पहुँचती है और केमिस्ट के कहे अनुसार दवा का सेवन करना शुरू कर देती है। चूँकि दवा बगैर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन या सलाह के ली गई है ऐसे में केमिस्ट भी दवा का पक्का बिल नहीं नहीं देते। एक्ट का उलंघन भी होता है और राजस्व को भी नुकसान होता है। यह हाल किसी एक राज्य का नहीं अमूमन पुरे देश में यही हाल है। एक अनुमान के अनुसार देश में ६०-७० फीसदी दवा आमलोग बगैर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के सिर्फ केमिस्ट के भरोसे पर खरीदते हैं। एक दूसरा तथ्य है कि आज भी करीब ७०-८० फीसदी केमिस्ट शॉप पर फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं है जो दवाओं के इफेक्ट, साइड इफेक्ट व अन्य सही जानकारी दे सकें। देश में ड्रग सेफ्टी बड़ा मसला है इस मामले में हमारी सरकारों ने कभी भी गंभीरता से विचार नहीं किया। आम जनता के लिए सरकार ने ड्रग एन्ड कास्मेटिक एक्ट, फार्मेसी एक्ट और फार्मेसी प्रेक्टिस रेगुलेशन जैसे कई नियम कानून बनाये तो हैं पर धरातल पर एक्ट इम्प्लीमेंटेशन को लेकर सरकारें और...

तकनीकी शिक्षा की श्रेणी से हटाया जा सकता है फार्मेसी शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग मे पहुंचा प्रस्ताव

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चिकित्सा जगत का वरदान समझा जाने वाला फार्मेसी कोर्स अब एआईसीटीई से मुक्त हो सकता है ऐसे में देश के फार्मासिस्ट और फार्मेसी छात्रों के लिए बहुत निराशाजनक रहेगा फार्मेसी अपने आप में एक प्रोफेशन होने के साथ-साथ एक तकनीकी शिक्षा भी माना जाता है लेकिन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया और कुछ निजी कॉलेज जाते हैं कि फार्मेसी एक प्रोफेशन के रूप में ही रहे और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के स्वामित्व में काम करें अभी तक फार्मेसी शिक्षा और नियोजन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया तथा ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन दोनों के अधीन है लेकिन इस प्रकार के कदम से निश्चित रूप से देश के फार्मासिस्ट को एक बड़ा झटका लग सकता है क्या होगा नुकसान यदि फार्मेसी तकनीकी श्रेणी से हटाया जाता है तो देश में फार्मासिस्ट सेवा नियमावली बेहद हद तक प्रभावित होगी और उनके वेतन और पदोन्नति के रास्ते प्रशस्त होंगे क्योंकि फार्मासिस्ट को एक जूनियर इंजीनियर के हिसाब से वेतन और पदोन्नति मिलते आ रहे हैं यही नहीं बल्कि फार्मेसी से जुड़े हुए लोग और फार्मेसी कॉलेज के अधिकारियों का भी वेतन और पदोन्नति प्रभावित होगी   अभी तक ...

एग्जिट एक्जाम के विरोध में पटना के सड़कों पर उतरे फार्मेसी छात्र पीसीआई अध्यक्ष b Suresh का फूंका पुतला

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भारत की फार्मेसी नियामक संस्था फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा डिप्लोमा इन फार्मेसी छात्रों के लिए एग्जिट एग्जाम रेगुलेशन  जैसे ही वेबसाइट पर अपलोड हुआ छात्रों ने इसकी सोशल मीडिया पर कड़ी निंदा की छात्रों कहना है कि फार्मेसी में चार प्रकार के कोर्स होते हैं डिप्लोमा ,बैचलर मास्टर और फॉर्म डी तो केवल डिप्लोमा के लिए एग्जाम क्यों एग्जिट एक्जाम होना चाहिए तो सभी फार्मेसी कोर्स  के लिए होना चाहिए

एग्जिट एक्जाम के विरोध में बिहार के फार्मेसी छात्र ,सोशल मीडिया पर की कड़ी निंदा

बिहार के डिप्लोमा इन फार्मेसी के छात्रों ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के एग्जिट एक्जाम का बेहद आक्रोशित विरोध किया है छात्रों ने पीसीआई की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से कड़ी निंदा की है छात्रों का कहना है कि पीसीआई पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है पीसीआई में सकारात्मक सोच वाले व्यक्तियों की कमी हो गई है और हर जगह भ्रष्टाचार देखा जा रहा है  फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया भारत की फार्मेसी नियामक संस्था है लेकिन इसका काम जीरो हैप्रत्येक वर्ष कुकुरमुत्ता की तरह बिना इंस्पेक्शन के सैकड़ों कॉलेजों को मान्यता प्रदान किया जा रहा है लेकिन उनमें हो रहा है पढ़ाई और फैकेल्टियों की जानकारी नहीं है भारत में बहुत सारे ऐसे कॉलेज आए जहां के शिक्षक मैन्युफैक्चरिंग में काम कर रहे हैं और किराए के कमरे लेकर कॉलेज बना दिए गए हैं और इस प्रकार से नॉन अटेंडिंग डिग्री ओं का बटवारा हो रहा है लेकिन जब  डिग्री डिप्लोमा दोनों में हो रहा है टॉप फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया डिप्लोमा के लिए  एग्जाम क्यों लाना चाह रही है यदि एग्जाम ही लेना है तो सभी  कोर्स के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए ...

फार्मेसी संस्थान में फ्रेशर पार्टी का आयोजन फिल्मी गानों पर ठुमके छात्र

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राजकीय फार्मेसी संस्थान के डिप्लोमा इन फार्मेसी 2016 18 द्वारा डिप्लोमा इन फार्मेसी सत्र 17 19 के छात्रों को फ्रेशर पार्टी दिया गया आयोजन का शुभारंभ प्राचार्य डॉ शैलेंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित करके किया उन्होंने बताया कि राज्य के फार्मासिस्ट का भविष्य सुनहरा है दिन-ब-दिन नई नियमावली बन रही है पीसीआई ने फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन को लागू करने के लिए सभी राज्य सरकार को चिट्ठी लिखा है और डिप्लोमा इन फार्मेसी उत्तीर्ण छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन से पूर्व परीक्षा का भी आयोजन किया जाएगा जो पीसीआई के नियमानुसार होगा इसके बाद ही छात्र रजिस्ट्रेशन करा पाएंगे उन्होंने बताया कि छात्रों की लंबित परीक्षा जल्द ही ले ली जाएगी और संस्थान में digital शिक्षा प्रणाली के लिए पांच कमरे बनाए जाएंगे जिसके माध्यम से छात्र डिजिटल शिक्षा के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे  मौके पर कॉलेज के सभी शिक्षकों ने भी अपना मंतव्य दिया और छात्रों को शुभकामनाएं प्रेषित की छात्रों को संबोधित करते हुए राजकीय फार्मेसी संस्थान के फार्मासिस्ट मिथिलेश कुमार ने कहा कि फार्मासिस्ट एक संवैधानिक पद है और बिना फार्म...

डिप्लोमा छात्रों को देना होगा एक्जाम पीसीआई ने जारी किया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन

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डिप्लोमा छात्रों को देना होगा एग्जिट एक्जाम ,पीसीआई ने जारी किया नोटिफिकेशन    फार्मेसी शिक्षा की नियामक संस्था फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने एवं देश के फार्मासिस्ट को उन्नत और रोजगार मुख्य शिक्षा प्रदान करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर दिया है     आपसे अनुरोध है कि हमारे यूट्यूब चैनल फार्मा न्यूज को सब्सक्राइब करें ताकि फार्मेसी संबंधी संपूर्ण जानकारियां आप तक पहुंचती रहे पीसीआई ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन अपडेट किया है जिसके अनुसार डिप्लोमा इन फार्मेसी उत्तीर्ण छात्रों को एक परीक्षा देनी होगी जो रजिस्ट्रेशन से पहले ली जाएगी यदि छात्र इस परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे तो उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा यदि छाती से परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाते हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन फार्मेसी काउंसिल में नहीं हो पाएगा पीसीआई के अनुसार परीक्षा में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाएंगे जो कि डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रम से होंगे तथा 50% नंबर लाने वाले छात्र हे रजिस्ट्रेशन करा पाएंगे पीसीआई ने अभी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है लेकिन...

नर्सिंग छात्राओं ने निकाला कैंडल मार्च

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आईजीआईएमएस की नर्सिंग छात्रा खुशबु के संदेहास्पद मौत को आत्महत्या बताने और मामले की सीबीआई जांच के लिए आज बिहार के चिकित्सा संकाय के छात्र छात्राओं ने बिस्कोमान भवन से लेकर कारगिल चौक तक पैदल कैंडल मार्च निकाला छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्य और कुछ लोगों द्वारा नर्सिंग छात्राओं का शोषण किया जाता है उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और ऐसा कई नर्सिंग छात्राओं के साथ भी हो चुका है आवाज उठाने पर फेल करने की धमकी दी जाती है हमेशा छात्राओं को आपस में भड़काया जाता है और खुशबू के साथ भी इसी प्रकार का बर्ताव हुआ उनका कहना है कि खुशबू आत्महत्या नहीं की बल्कि खुशबू की हत्या की गई है छात्र कहते हैं कि खुशबू शादीशुदा थी और कई बार यह कहा जा रहा था कि तुम शादीशुदा हो तो पढ़ाई क्यों कर रही हो क्या शादी शुदा लड़कियां पढ़ाई नहीं कर सकती जहां एक तरफ नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर आईजीएमएस के छात्राओं को प्राचार्य आत्महत्या को विवश कर रहे हैं यह केवल नर्सिंग या फिर आईजीएमएस का मामला नहीं है पारा मेडिकल छात्रों तथा फार्मेसी छात्रों के साथ भी इसी प्रक...

Pharmacist Gets Rights to Prescribe Medicine

 Pharmacist Gets Rights to Prescribe Medicine  Odisha Govt. is considering the proposal of prescribing medicines by Pharmacists in minor ailments (Panchabyadhi Chikista) like malaria, fever, URTI, skin disease, scabies, ring worm, helminthiasis, APD, Diarrhoea, minor injury without MLC, superficial burns without MLC and drainage of abscess. Considering the acute shortage of doctors including Ayush and consequent deficiency in implementation of healthcare services the Govt of Odisha after due deliberations and on the well considered recommendation has decided to utilize the services of pharmacists to fill the gaps in healthcare service in the interest of public service. Now, the Pharmacist in rural hospitals can attend to minor ailment and injuries of the patients including prescribing of limited range of drugs. A Public Health committee under the Chairmanship of Director, Health Services, Odisha has proposed the Commissioner-cum-Secretary, Ministry of Health and Fam...